आलू और चावल का सामान्य तौर पर खाद्य सामग्री के तौर पर इस्तेमाल होता है। पर इसके कई अन्य उपयोग भी शुरू किए गए है। जूट मार्क इंडिया अवयरनेस प्रोगाम में आयोजित कार्यशाला के दौरान जूट उत्पाद को भी कई संस्थाओं ने प्रदर्शित किया था। इसमें सरस्वती एवं जाग्रति समूह ने आलू- चावल से लेकर गुलाब की पंखुड़ियों से बना साबुन भी प्रदर्शित किया था। यह लोगों की उत्सुकता का केंद्र बना हुआ था। समूह की विनीता रावत ने बताया कि चावल के आटा, आलू का रस को लेकर व अन्य सामग्री मिलाकर इसे तैयार किया गया है। गुलाब की पंखुड़ी को सुखाकर भी साबुन बनाने में इस्तेमाल किया गया है।