बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच अवैध माओवादी स्मारकों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई माओवादियों के प्रचार-प्रसार और उनके मनोवैज्ञानिक प्रभाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विभिन्न थानों में हुई कार्रवाई
तर्रेम थाना क्षेत्र के मंडीमरका के जंगलों में सर्च अभियान के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (केरिपु) की 168वीं और 153वीं वाहिनी की संयुक्त टीम ने माओवादियों द्वारा निर्मित एक अवैध स्मारक को चिन्हित कर उसे सुरक्षित मानकों के साथ ध्वस्त कर दिया। इसी क्रम में, उसूर थाना क्षेत्र के मारूड़बाका जंगल में चलाए जा रहे अभियान के दौरान केरिपु की 229वीं वाहिनी और कोबरा बटालियन की 204वीं यूनिट की संयुक्त टीम ने दो माओवादी स्मारकों को नष्ट किया। इसके अतिरिक्त, इसी वाहिनी ने पाउरगुड़ा और सिंगनपल्ली के जंगल क्षेत्रों में भी दो अन्य अवैध माओवादी स्मारकों को ध्वस्त करने में सफलता प्राप्त की।
अभियान जारी रखने की घोषणा
14 फरवरी 2026 को हुई इस संयुक्त कार्रवाई के तहत दक्षिण बस्तर क्षेत्र में कुल पांच अवैध माओवादी स्मारकों को नष्ट किया गया। सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में निरंतर सर्चिंग, एरिया डॉमिनेशन और सघन अभियान जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि माओवादियों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना और राष्ट्र विरोधी तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। सुरक्षा बल पूरी तत्परता से नक्सलवाद के उन्मूलन हेतु प्रतिबद्ध हैं।