ग्राम मोरगा में 'सुशासन तिहार' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए। उन्होंने अधिकारियों से जनता की समस्याओं पर जवाब तलब किया। मंत्री ने ग्रामीणों की शिकायतें भी ध्यान से सुनीं।
शिविर में 13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के एक बयान पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने उनके बयान पर चुटकी ली।
अधिकारियों से जवाबदेही
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने 'सुशासन तिहार' के दौरान अधिकारियों से कड़े सवाल पूछे। उन्होंने जनता से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की। मंत्री ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और उनके समाधान के लिए तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया। यह आयोजन सुशासन स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया था। ग्रामीणों ने अपनी जल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित परेशानियां बताईं।
सीएम से नहीं मिल पाने वाले बयान पर ली चुटकी
नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने एक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस के विधायक मुख्यमंत्री से नहीं मिल पा रहे हैं। इस बयान पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने चुटकी ली। मंत्री ने कहा कि अभी हम लोग जनता से सीधे मिल रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि विधायक को मुख्यमंत्री से मिलने से कौन रोकता है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि विधायक जब चाहें मुख्यमंत्री से मिल सकते हैं।
मंत्री नेताम ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री से मिलने के लिए आम जन भी उपलब्ध हैं। उन्होंने पूछा कि कौन ऐसा विधायक है जो मुख्यमंत्री से नहीं मिल पा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि अगर कोई विधायक मुख्यमंत्री से स्वयं नहीं मिल पा रहा है, तो उसे विधायकी करने का भी कोई औचित्य नहीं है। यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में कई प्रमुख व्यक्ति मौजूद रहे। बैकुंठपुर विधायक भैया लाल राजवाड़े भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े और पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह भी शिविर में शामिल हुईं। इनके साथ ही जिले के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान पर विचार किया।