रायगढ़ जिले में जर्जर सड़क निर्माण की मांग को लेकर आधे दर्जन से भी अधिक गांव के ग्रामीण आज सुबह से ही चक्काजाम कर दिया है। जिससे इस मार्ग में चलने वाले भारी वाहनों के पहिये पूरी तरह से थम गए हैं। जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर स्थित गेरवानी- सराईपाली सड़क की हालत एक लंबे अर्से से बहुत ही जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है। जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले 15 से अधिक गांव गेरवानी, शिवपुरी, पाली, देलारी, सारापाली, गड़गांव,गौरमुड़ी, बरपाली, हर्राडीह, जीवरी, तरकपुर, राबो के अलावा अन्य गांव के ग्रामीणों के अलावा इस क्षेत्र के स्कूली छात्रों को आने-जाने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गांव के ग्रामीणों ने बताया कि 15 टन की कैपेसिटी वाली सड़क में 24 घंटे 100 टन तक की गाड़ियां रोजाना चलती है।चक्काजाम कर रहे लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण में यहां भारी लापरवाही बरती जाती है। यहां सड़क निर्माण तो की जाती है जो एक-दो माह में ही अपने पुराने स्वरूप में पहुंच जाती है। गांव के ग्रामीणों की मांग है कि गेरवानी से देलारी, सराईपाली तक गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण किया जाये। गांव के ग्रामीणों का यह भी कहना था कि उनके क्षेत्र से आधे दर्जन से अधिक छोटे से लेकर बड़े उद्योग स्थापित हैं लेकिन इसके बावजूद सड़क जैसी मूलभूत समस्याओं से उन्हें जूझना पड़ता है। सड़क की हालत इतनी भयावह है कि कभी भी इस क्षेत्र में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है इस बात से भी इंकार नही किया जा सकता। आज सुबह 08 बजे से आधे दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों ने देलारी के पास स्थित नेत्रानंद ढाबा के सामने सड़क में बैठकर चक्काजाम शुरू कर दिया है। जिससे इस मार्ग में चलने वाले सैकड़ो वाहनों के पहिये थम गए हैं। इस मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने के प्रयास में जुटी हुई है लेकिन गांव के ग्रामीण अपनी मांगो को लेकर धरने में बैठे हुए हैं।