कोरबा में एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के मुख्यमहाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य गेट पर सोमवार को महिलाओं ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया। मुख्य गेट पर तालाबंदी करते हुए उन्होंने गेट के सामने खट (चारपाई) लगाई और हड़िया-बर्तन रखकर अनोखे अंदाज में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान महिलाओं ने रोजगार की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की और एसईसीएल प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।धरना दे रही महिलाओं का कहना था कि क्षेत्र के ग्रामीणों और विस्थापित परिवारों को वर्षों से रोजगार दिलाने का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए। महिलाओं ने आरोप लगाया कि खदान से आसपास के गांवों की जमीन तो ली गई लेकिन उसके एवज में लोगों को न तो स्थायी नौकरी मिली और न ही वैकल्पिक रोजगार। यही वजह है कि परिवार आर्थिक तंगी से गुजरने को मजबूर हैं।धरना स्थल पर मौजूद महिलाओं ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं की जाती और लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन ने उनकी बातों को अनसुना किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और परिवारजन भी इसमें शामिल होंगे। महिलाओं की इस अचानक की गई तालाबंदी और विरोध प्रदर्शन से एसईसीएल प्रबंधन सकते में आ गया। कार्यालय आने-जाने वाले अधिकारी और कर्मचारी भी असहज स्थिति में नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया ताकि किसी प्रकार की अनहोनी घटना न हो सके।धरना प्रदर्शन के चलते वातावरण तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण बना रहा। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी लड़ाई रोजगार और अधिकार की है और जब तक न्याय नहीं मिलता तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।