कोरबा जिले के थाना दीपका अंतर्गत ग्राम नोनबिर्रा में सोमवार को पुलिस ने नशामुक्ति के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान में ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और युवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान के तहत दीपका पुलिस ने गांव में ग्राम रक्षा समिति और महिला समिति का गठन किया। इसके बाद महिलाओं और युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर पूरे गांव में रैली निकाली। रैली में “शराब छोड़ो, परिवार बचाओं" और "नशामुक्त गांव, खुशहाल जीवन" जैसे नारे गूंजे। ग्रामीणों ने उत्साह और संकल्प के साथ नशामुक्ति का संदेश पूरे क्षेत्र में फैलाया। थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि गांव में शराब बनाने या बेचने वालों को किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर आबकारी अधिनियम एवं प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी रमेश पिता चिंता राम श्याम (उम्र 35 वर्ष, निवासी तीवरता, थाना दीपका) को गांव के बाहर शराब बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके कब्जे से 6 लीटर कच्ची महुआ शराब और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा पुलिस ने भ्रमण के दौरान गांव के उन लोगों को समझाइश दी जिन पर शराब से संबंधित शिकायतें थीं। साथ ही 7 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। महिला समिति और ग्रामीणों ने पुलिस को सहयोग देने का आश्वासन दिया और संकल्प लिया कि आने वाले समय में नोनबिर्रा को पूरी तरह नशामुक्त गांव बनाया जाएगा। महिलाओं ने बताया इस गांव में महुआ शराब बनाकर बेचा जाता है जिसके चलते बच्चे युवा और बुजुर्ग सभी नशे की आदि होते जा रहे हैं। पुलिस का सहयोग अगर उन्हें बराबर मिलता रहेगा तो इस गांव में महुआ शराब बिकने नहीं देंगे। अगर गांव में कोई भी मौका शराब बनता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और इसकी सूचना पुलिस को दी जाएगी।