कोरबा में बिलासपुर कटघोरा मार्ग मुनगाडीह पर किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर चक्का जाम किया है। दरअसल, नेशनल हाईवे के निर्माण में अधिग्रहित भूमि के लिए किसानों को मुआवजा नहीं मिला है, जिससे वे काफी आक्रोशित हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक शासन लिखित में आश्वासन नहीं देता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। मुनगाडीह गांव के किसान सिंचित जमीन को असिंचित जमीन के मुआवजे की मांग कर रहे हैं।इससे पहले भी किसान चक्का जाम और प्रदर्शन कर चुके हैं।प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं। बताया जा रहा है कि 18 से 20 किसान इस मुआवजे से वंचित है और अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं ।मुनगाडीह गांव के किसान सिंचित जमीन को असिंचित जमीन के मुआवजे की मांग कर रहे है। किसानों का आरोप है कि शासन के द्वारा जो जमीन जा रही है उसे सिंचित जमीन बता रही है जबकि किसानों का कहना है कि जो जमीन है वह असिंचित जमीन है जिसके आधार पर उन्हें मुआवजा दिया जाना चाहिए। ग्रामीण मंगलवार की सुबह 10:00 बजे लगभग न मुख्य मार्ग पर एकत्रित हुए इसके बाद सड़क पर चटाई बिछाकर सड़क पर ही बैठ गए देखते ही देखते ग्रामीण के भीड़ एकत्रित हो गई और सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही कटघोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची वहीं पुलिस बल भी बुलाया गया इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार और पुलिस प्रशासन घटना स्थल पर मौजूद हैं और समझाने का प्रयास किया गया।प्रशासन ने किसानों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है, लेकिन लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े थे। 2 घंटे के मशकत तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझाया और सभी किसानों का उच्च अधिकारियों से दिशा निर्देश लेने के बाद मुआवजा की कार्यवाही करने की बात कही गई तब जाकर चक्का जाम समाप्त हुआ। इस चक्का जाम में चार पहिया वाहन के अलावा भारी वाहन भी फंसे हुए थे इसके अलावा यात्री बस भी प्रभावित रहा। लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आपको बता दें कि इससे पहले भी प्रभावित किसानों ने न मुख्य मार्ग पर अपनी मांगों को लेकर चक्का जाम कर चुके हैं और आंदोलन की चेतावनी भी दे चुके हैं इस बार फिर से मांग पूरी नहीं होने पर आने वाले समय में उग्र आंदोलन की बात कही गई है।