कोरबा में एसईसीएल कुसमुंडा खदान के 29 नंबर कोयला स्टॉक में लगी भीषण आग पर अब तक काबू नहीं पाया जा सका है। कोयला धू-धू कर जल रहा है और आग लगातार धधक रही है। बरसात से पहले एसईसीएल कोयले का स्टॉक तैयार कर रहा है। इसी दौरान आग लगने की घटना सामने आई है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि आग लगे कोयले के ढेर में ही डोजर चलाया जा रहा है। डोजर में आग न लगे, इसके लिए उस पर पानी के टैंकर से लगातार छिड़काव किया जा रहा है। जरा सी चूक होने पर डोजर में भी आग लग सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था। मौके पर सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।
प्रारंभिक तौर पर भीषण गर्मी के कारण कोयले में आग लगने की आशंका जताई जा रही है। कुसमुंडा खदान क्षेत्र में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। अत्यधिक गर्मी के कारण कोयले के ढेर में स्वतः दहन की स्थिति बन जाती है। खदान में हर दूसरे दिन आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
आग पर काबू पाने के लिए एसईसीएल के पानी के टैंकरों से लगातार प्रयास किए गए, लेकिन आग पूरी तरह नहीं बुझ सकी है। कोयला अंदर ही अंदर सुलग रहा है। आग लगने की सूचना पर संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।
इस आगजनी की घटना से एसईसीएल को भारी नुकसान होने की आशंका है। हजारों टन कोयला जलकर राख हो रहा है। बरसात से पहले कोयला निकालने और स्टॉक खाली करने का दबाव है, जिसके चलते जोखिम उठाकर काम कराया जा रहा है।
कुसमुंडा खदान में कोयला स्टॉक में आग लगना आम बात हो गई है। हर दूसरे दिन ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बावजूद प्रबंधन की ओर से पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।