कबीरधाम जिले में नवम्बर माह से 108 केंद्र में धान की खरीदी जारी है। लेकिन, राज्य सरकार द्वारा की जा रही धान खरीदी इस वर्ष शुरुआत से ही भारी अव्यवस्था का शिकार रही है। किसान लगातार अपनी उपज बेचने के लिए परेशान है,लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं किया गया। यहीं, कारण है कि आज शुक्रवार को भारतीय किसान संघ ने किसानों की समस्या को लेकर धरना देकर ज्ञापन सौंपा है। ये प्रदर्शन कवर्धा शहर के बाहर ग्राम जोराताल में न्यू कृषि उपज मंडी के पास हुआ है। इस दौरान संघ ने यहां कुछ घंटे के लिए चक्काजाम कर दिया। संघ के नेताओं ने बताया कि कभी टोकन जारी नहीं होना, कभी खरीदी सीमा (लिमिट) कम करना, तो कभी खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था, इन सभी कारण से किसान महीनों से भटकने को मजबूर है। यह भी चिंतनीय है कि शासन द्वारा धान खरीदी की प्रक्रिया को सुगम करने का प्रयास करने की बजाय, भौतिक सत्यापन के नाम पर किसानों की ईमानदारी पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए प्रतीत हो रहा हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि धान खरीदी सत्र समाप्त होने में अब केवल 15 दिन शेष हैं, जबकि अब तक मात्र लगभग 60 प्रतिशत धान की खरीदी हुई है। किसानों को खाद, बिजली व पानी के लिए तरसाने बाद अब अपनी उपज बेचने के समय भी प्रताड़ित किया जा रहा है।यह सीधे-सीधे किसानों के साथ अन्याय है। संघ की मांग है कि शासन किसानों के प्रति अपने रवैये में तुरंत बदलाव लाये और यह सुनिश्चित करे कि प्रत्येक पंजीकृत किसान अपनी उपज सही समय पर और सम्मान पूर्वक बेच पाए। सभी समिति में धान खरीदी लिमिट तत्काल बढ़ाई जाये और खरीदी प्रक्रिया को 15 फरवरी तक जारी रखा जाए। भारतीय किसान संघ स्पष्ट करता है कि यदि सरकार ने किसानों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।