जिले के पंतोरा चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक रमेश त्रिपाठी को निलंबित किया गया है। उन्होंने आवेदक विकास देवांगन से जमीन पर कब्जा दिलाने के नाम पर 40 हजार रुपये की रिश्वत ली थी। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद यह कार्रवाई की।
प्रधान आरक्षक त्रिपाठी ने विकास देवांगन से 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। आवेदक ने पहले 30 हजार रुपये दिए थे। बाद में 10 हजार रुपये की और मांग की गई, जो शाम को दे दिए गए। पैसे लेने के बाद भी त्रिपाठी जमीन पर कब्जा नहीं दिला पाए। जब विकास ने पैसे वापस मांगे, तो प्रधान आरक्षक ने इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह पैसे वापस नहीं करेंगे, चाहे कोई पुलिस अधीक्षक से शिकायत करे। त्रिपाठी ने यह भी कहा कि उन्हें पुलिस लाइन से संबद्ध करा दो, वह 10 हजार रुपये देंगे। एक वीडियो में वह तत्कालीन चौकी प्रभारी दिलीप सिंह से बात करने का जिक्र करते हुए भी दिखे।
रिश्वत का पूरा मामला
प्रधान आरक्षक रमेश त्रिपाठी ने विकास देवांगन से जमीन कब्जा दिलाने का वादा किया था। इसके लिए उन्होंने कुल 40 हजार रुपये की रिश्वत ली थी। पहले 30 हजार रुपये दिए गए, फिर 10 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग पूरी की गई। पैसे लेने के बावजूद प्रधान आरक्षक ने अपना वादा पूरा नहीं किया। जब आवेदक ने अपने पैसे वापस मांगे, तो त्रिपाठी ने साफ मना कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
रिश्वत लेने और बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने प्रधान आरक्षक रमेश त्रिपाठी को निलंबित कर पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया। इस पूरे मामले की जांच उप पुलिस अधीक्षक प्रदीप सोरी को सौंपी गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।