जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र के खरखोद गांव में एक दामाद की हत्या का मामला सामने आया है। बड़े ससुर और उनके साले ने मिलकर दामाद की हत्या कर शव को खंडहरनुमा मकान में छिपा दिया था। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
कोरबा जिले के उमरेली गांव का निवासी 29 वर्षीय जगदीश प्रजापति 29 अप्रैल को अपनी पत्नी दिव्या और डेढ़ साल के बेटे के साथ ससुराल खरखोद गांव पहुंचा था। वह एक शादी समारोह में शामिल होने आया था। रात करीब 11 बजे शराब के नशे में जगदीश अपनी पत्नी और बेटे के साथ गाली गलौज करने लगा।
पत्नी ने उसे समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद जगदीश घर से बाहर सोने चला गया। सुबह परिजनों ने उसे ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मिला। 3 मई को घर से कुछ दूर तेज बदबू आने पर ग्रामीणों ने देखा तो वहां जगदीश का शव मिला। परिजनों ने पामगढ़ पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जगदीश के शरीर पर कई चोटों के निशान और गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पामगढ़ पुलिस ने जांच तेज की। ससुराल पक्ष के लोगों से घटना के संबंध में पूछताछ की गई। मृतक जगदीश प्रजापति के बड़े ससुर देसाई कुम्भाकार और देसाई के साला रामनारायण प्रजापति से पूछताछ हुई। उन्होंने बताया कि पति-पत्नी के बढ़ते विवाद को देखते हुए जगदीश को समझाने के लिए बाड़ी के पीछे ले गए थे।
समझाइश के बाद भी जगदीश के विवाद करने पर दोनों ने मिलकर उसे हाथ, मुक्के और डंडे से मारा। इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। उन्होंने शव को सूने मकान के पीछे फेंकना स्वीकार किया। पामगढ़ पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक के बड़े ससुर और उनके साले को दामाद की हत्या के मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।