देशभर में आज भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है।वही धमतरी में भी देश की आजादी के पहले से रथयात्रा निकालने की परंपरा चली आ रही है। जिसके चलते आज शहर में जगदीश मंदिर से धूमधाम से रथयात्रा निकाली गई।जिसमे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के सहित शहरवासी बड़ी संख्या में शामिल है। रथयात्रा विंध्यवासिनी मंदिर के पास गौशाला मैदान में जाकर समाप्त होगी,वही रथयात्रा के दौरान रास्ते भर भक्तों को गजा मूंग का प्रसाद वितरण किया जाता है। दरअसल धमतरी शहर में 118 साल से रथयात्रा महोत्सव मनाया जा रहा है।वही रथयात्रा शुरू से धमतरी का सबसे बड़ा धार्मिक पर्व रहा है।धमतरी ही नहीं असपास गांव की हजारों श्रद्धालु का आस्था इस रथयात्रा से जुड़ी हुई है।उनेक बेटियां शादी के बाद भी इस रथयात्रा महोत्सव में शामिल होने धमतरी पहुंचती हैं।बता दें कि जगदीश मंदिर ट्रस्ट और भक्तों की आस्था स्वरूप 1965 में पहला रथ बनवाया गया था।जगदीश मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि धमतरी का रथयात्रा ऐतिहासिक रहा है।छत्तीसगढ़ के कई जिलों से रथयात्रा निकलती है।धमतरी का रथ सबसे बड़ा व आकर्षक है गौरतलब है कि 22 जून से शुरू हुआ काढ़ा वितरण 25 जून तक भक्तों को वितरण किया गया।26 जून को नेत्रोत्सव का पर्व मनाया गया।वही वैदिक रीति-रिवाज के साथ प्रतिमाओं की पुन: प्राण-प्रतिष्ठा की गई।फिर आरती बाद मंदिर का पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला गया।वही आज 27 जून को पूजा-अर्चना एवं आरती के बाद महाप्रभु जगन्नाथ को रथ में विराजमान किया गया।जिसके बाद श्री जगदीश मंदिर से रथयात्रा निकाली गई।