भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय अंतर्गत भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेंद्र भूषण ने गुरुवार को धमतरी जिले का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न विकास और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन कार्यों का निरीक्षण किया। सचिव ने जल संरक्षण, सिंचाई, वृक्षारोपण और आजीविका संवर्धन गतिविधियों की सराहना की।
उन्होंने कुरूद विकासखंड के ग्राम सांकरा में चेकडेम का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि चेकडेम से लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र तक भू-जल स्तर बढ़ा है। इससे किसान अब खरीफ के साथ रबी फसल भी ले पा रहे हैं। जल उपलब्धता बढ़ने से खेती की स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन आया है। किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है।
सचिव ने किसानों को गर्मी में धान के बजाय कम पानी वाली फसलें अपनाने की सलाह दी। उन्होंने सब्जी उत्पादन और वैकल्पिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। जल संरक्षण और फसल विविधीकरण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। उन्होंने चेकडेम के पास विद्युत पोल को सुरक्षित करने के निर्देश दिए।
महिला स्व सहायता समूह की सदस्यों ने दोना-पत्तल निर्माण की जानकारी दी। वे घरेलू उपयोग और सजावटी सामग्री भी तैयार कर रही हैं। सचिव भूषण ने महिलाओं के नवाचार और आत्मनिर्भरता की सराहना की। उन्होंने कहा कि समूह आधारित गतिविधियाँ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं।
सचिव ने ग्राम सौंगा में अमरूद वृक्षारोपण का अवलोकन किया। उन्होंने अमरूद को मौसम के अलावा कोल्ड स्टोरेज के माध्यम से बेचने का सुझाव दिया। इससे किसानों को अधिक लाभ मिल सकेगा। जिलाधिकारी अविनाश मिश्रा ने जल संरक्षण और औषधीय खेती की विस्तृत जानकारी दी। सचिव ने बैलोदी में सब्जी उत्पादन और बोड़ा-गाड़ाडीह में अमृत सरोवर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने लिफ्ट सिंचाई और बढ़ई कार्य से जुड़ी गतिविधियों की प्रशंसा की।