गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों में घिर गया। इस बार मामला आपत्तिजनक बयानबाजी से धार्मिक भावनाएं आहत करने का है। विश्वविद्यालय के एक छात्र ने भगवान श्री राम, भगवान परशुराम और आंबेडकर सहित अन्य महापुरुषों पर टिप्पणी की है।
यह टिप्पणियां मौखिक रूप से और सोशल मीडिया इंस्टाग्राम चैट पर की गई। चैट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं। आरोप है कि इसका विरोध करने पर आरोपी छात्र तूफान नाईक ने अपने साथियों के साथ मिलकर विरोध करने वाले छात्र को जान से मारने की कोशिश की।
पीड़ित छात्र प्रियांशु सिंह और कौस्तुभ मणि पांडेय ने यह आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने बिना उनका पक्ष सुने उन पर कार्रवाई की है। उन्हें आधी रात हॉस्टल से निकाल दिया गया, जबकि 27 अप्रैल से उनकी परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। उनके सारे जरूरी सामान हॉस्टल के कमरे में ही हैं। छात्र प्रबंधन से हॉस्टल में जाकर सामान निकालने का मौका देने की मांग कर रहे हैं।
हिंदू संगठनों का आक्रोश
भगवान राम और परशुराम के अपमान से हिंदू संगठनों में भी गहरा आक्रोश है। घटना की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के गेट पर पहुंचे। उन्होंने आरोपी छात्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने छात्र के निष्कासन की भी मांग करते हुए गेट पर ताला जड़ दिया। विश्वविद्यालय प्रबंधन एकतरफा कार्रवाई की बात स्वीकार नहीं कर रहा है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन पर सवाल
प्रबंधन का कहना है कि इस मामले में एक जांच समिति का गठन किया गया है। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ का एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय है। लगातार विवादों के कारण यहां का माहौल बिगड़ रहा है। इसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है। प्रबंधन की कार्यप्रणाली और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।