अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनंत सिंह आर्या तीन दिवसीय बिलासपुर के प्रवास पर हैं। इस दौरान उन्होंने आदिवासी हितों को ध्यान में रखकर कई बैठकें भी की मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि “मैं आदिवासी हूं और हिंदू हूं हम सभी आदिवासी हिंदू हैं और भगवान राम को मानते हैं। भगवान राम जब वनवास में थे, तब उन्होंने आदिवासी राजा के घर में रात्रि विश्राम किया था। धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि, आदिवासी और अन्य समाज के लोगों को जबरन प्रलोभन देकर धर्मांतरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि, जशपुर के एक वकील ने इस मामले में याचिका भी दायर की है। आर्या ने साफ कहा कि आदिवासी समाज मूलतः हिंदू धर्म का ही हिस्सा है और धर्मांतरण की गतिविधियां समाज व संस्कृति के लिए गंभीर खतरा हैं। आगे एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि, औद्योगिकरण के नाम पर जंगल नहीं कटनी चाहिए। आदिवासी समाज जंगल की पूजा करते हैं, जंगल ही उनकी परम्परा पहचान है।