बिलासपुर में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच एक मरीज को स्ट्रेचर पर सड़क पर ले जाया गया। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, शहर के मिश्रा नर्सिंग होम नामक निजी अस्पताल ने मरीज को सोनोग्राफी के लिए भेजते समय कोई समुचित व्यवस्था नहीं की थी। अस्पताल की ओर से एंबुलेंस या अन्य सुरक्षित साधन उपलब्ध कराने के बजाय मरीज को स्ट्रेचर पर ही भेज दिया गया। इससे मरीज और परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सबसे चिंता की बात यह थी कि तेज धूप से बचाने के लिए मरीज के पास केवल एक छाता ही सहारा था। परिजन खुद स्ट्रेचर को धकेलते हुए सड़क पर लेकर गए, जबकि उस दिन तापमान काफी अधिक था। इस दौरान मरीज की हालत और बिगड़ने का खतरा भी बना रहा। यह दृश्य देखकर राहगीर भी स्तब्ध रह गए।
इस अमानवीय घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। आम नागरिकों का कहना है कि निजी अस्पतालों की इस तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका मानना है कि भविष्य में किसी भी मरीज के साथ ऐसी अमानवीय स्थिति नहीं बननी चाहिए। लोगों ने सामाजिक माध्यम पर भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
इस गंभीर मामले में जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि उन्हें अभी तक इस घटना की पूरी जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से ले रहा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही है।