'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने का दावा करने वाली भारतीय रेलवे की हकीकत पहली ही बारिश में सामने आ गई। बेमौसम बारिश ने भाटापारा रेलवे स्टेशन की पोल खोल दी है। स्टेशन परिसर में बने टिकट घर का प्रतिचलय कक्ष और प्रतीक्षालय पानी से लबालब हो गया है। सबसे चिंताजनक स्थिति टिकट प्रतीक्षा कक्ष की है, जहां यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन अब वहां पानी भरा हुआ है और जगह-जगह लावारिस मवेशी बैठे नजर आ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव हमेशा से रहा है, लेकिन अब जब 'स्मार्ट स्टेशन' और 'अमृत योजना' जैसी योजनाओं के तहत विकास कार्यों की बात हो रही है, तब भी बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने स्टेशन की दुर्दशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर एक मामूली सी बारिश में यह हाल है तो मानसून के दौरान क्या स्थिति होगी, इसकी कल्पना भी डरावनी है।रेलवे प्रशासन की ओर से अभी तक इस स्थिति पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।