बालोद जिले की जीवनदायिनी तांदुला नदी, जो जिले सहित दुर्ग, भिलाई और बेमेतरा की पानी की जरूरतें पूरी करती है, अब एक नए स्वरूप में नजर आ रही है। लंबे समय से उपेक्षा, गंदगी और जलकुंभी से जूझ रही यह नदी अब जनसहयोग और प्रशासनिक प्रयासों से साफ-सुथरी और पुनर्जीवित होती दिख रही है।‘नीर चेतना अभियान’ के तहत प्रशासन और जनता ने मिलकर नदी की सफाई को जन आंदोलन का स्वरूप दिया। पहले चरण में प्रशासन ने युद्धस्तर पर सफाई कराई और अब आम लोगों की भागीदारी से इसे निरंतर अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।