सरगुजा जिले के राजापुर उपतहसील में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ मारपीट हुई। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने सोमवार से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर 1 जून से सामूहिक अवकाश और कामबंद आंदोलन का ऐलान है।
27 मई को राजापुर उपतहसील कार्यालय में एक प्रकरण को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद नायब तहसीलदार मानिक के साथ कथित मारपीट और अभद्रता की घटना हुई। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़ित अधिकारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने इसे प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा और गरिमा का गंभीर मामला बताया।
संघ ने दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह घटना कानून व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। इससे अधिकारियों का मनोबल प्रभावित होगा। 29 मई को भी सांकेतिक अवकाश लेकर विरोध दर्ज कराया था। मांगें पूरी न होने पर अब प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू हो गई है।
नार्को टेस्ट की मांग
नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने स्वयं के नार्को टेस्ट की मांग की है। उन्होंने विधायक रामकुमार टोप्पो और उनकी बहन का भी नार्को टेस्ट कराने को कहा। मानिक ने बताया कि विवाद पैरोल प्रकरण को लेकर हुआ था। इसमें आवश्यक दस्तावेज पूर्ण नहीं थे, इसलिए हस्ताक्षर करना संभव नहीं था। अपूर्ण प्रकरण को स्वीकृति देना नियमों के विपरीत होता।
विधायक ने कहा- मैं तैयार हूं
इस आंदोलन को छात्रावास अधीक्षक संघ और राजस्व पटवारी संघ का भी समर्थन मिला है। संघ पदाधिकारियों ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है। हड़ताल से राजस्व न्यायालयों की सुनवाई और विभिन्न प्रशासनिक कार्य प्रभावित होंगे। इससे आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विधायक रामकुमार टोप्पो ने नार्को टेस्ट के लिए तैयार होने की बात कही। उन्होंने पुलिस जांच में सहयोग का आश्वासन दिया।