हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ चल रही उनकी महत्वपूर्ण बैठक का आज दूसरा दिन रहा। इस मैराथन बैठक का मुख्य उद्देश्य हरियाणा की नई उद्योग नीति को अंतिम रूप देना और प्रदेश में निवेश के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार करना है। निवेशकों के भरोसे पर सरकार की मुहर बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार उनके हर कदम पर साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश लाना नहीं, बल्कि निवेशकों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करना भी है। मुख्यमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु सिंगल विंडो सिस्टम: मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 'सिंगल विंडो सिस्टम' को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, ताकि निवेशकों को कागजी कार्रवाई के लिए भटकना न पड़े। तकनीक और सुविधाएं: सभी निवेशकों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के साथ-साथ उद्योगों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर काम किया जाएगा। सकारात्मक वातावरण: हरियाणा को देश का सबसे पसंदीदा 'इन्वेस्टमेंट हब' बनाने के लिए औद्योगिक नीतियों में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। कैबिनेट मंत्री और उच्च अधिकारी रहे मौजूद इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री राव नरबीर भी मौजूद रहे, जिन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों की विकास योजनाओं पर अपने सुझाव रखे। इसके अलावा, उद्योग विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया और नई नीति के तकनीकी पहलुओं पर मंथन किया।