सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने गुरुवार को भरोसा जताया कि भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद अगले दो महीनों में सुलझ सकता है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि अमेरिका की ओर से भारत के खिलाफ लगाया गया दंडात्मक टैरिफ वापस लिए जाने की संभावना है। नागेश्वरन ने यह भी संकेत दिया कि पारस्परिक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर लगभग 15 प्रतिशत करने के लिए बातचीत चल रही है। इससे निर्यातकों में आशा की किरण जगी है। मर्चेंट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए सीईए ने ये बातें कहीं।
बता दें कि रूस से तेल खरीदने की वजह से अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। अमेरिका के इस फैसले के बाद भारत पर कुल टैरिफ 50% हो गया। अब इसको लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में टैरिफ कम करने पर बात बन सकती है। अमेरिका कम से कम 25% अतिरक्त टैरिफ खत्म कर सकता है। नागेश्वरन ने भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक कार्यक्रम में कहा कि दोनों सरकारों के बीच इसे लेकर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि मेरा अनुमान है कि अगले आठ से दस सप्ताह में हम भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका के अतिरिक्त टैरिफ का समाधान देख पाएंगे। उन्होंने कहा कि 25 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ में भी कमी की जा सकती है। उनका अनुमान है कि यह 15 फीसदी के बीच हो सकता है।
अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। साथ ही उन्होंने इस बात को लेकर भी आगाह किया कि शुल्क जारी रहने की स्थिति में अमेरिका को भारतीय वस्तुओं के निर्यात में गिरावट आ सकती है। आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शुल्क वृद्धि फैसले के बाद दोनों देशों के संबंध कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गए थे। लेकिन, शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर अनुकूल संकेत मिलने के बाद हाल ही में दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर चर्चा फिर शुरू हुई है।