बाढ़ अनुमंडल के जमुनीचक गांव के चौधरी टोला में रहस्यमयी बीमारी ने लोगों में डर का माहौल बना दिया है। पिछले पंद्रह दिनों में दो लोगों की मौत हो चुकी है और पांच लोग संक्रमित होकर अस्पताल में भर्ती हैं।
'झाड़-फूंक के बावजूद बढ़ती रही बीमारी'
गांव की महिलाओं का कहना है कि कुछ स्थानीय लोगों पर जादू-टोना का शक जताया जा रहा था, लेकिन झाड़-फूंक के बावजूद बीमारी बढ़ती रही। इसके बाद गांव के कुछ लोगों ने डॉक्टर से संपर्क किया। इलाज के दौरान मनीष और कुणाल नामक दो युवक दम तोड़ चुके हैं, जिससे ग्रामीणों का सब्र टूट गया।
संक्रमित मरीजों के पेट और सिर में होता है तेज दर्द
ग्रामीणों के अनुसार, डॉक्टर भी इस बीमारी को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहे हैं। संक्रमित मरीजों में पेट और सिर में तेज दर्द होता है, इसके बाद उल्टी होने लगती है और तीन-चार दिन में संक्रमण शरीर में तेजी से फैलने के कारण उनकी मौत हो जाती है। कुछ लोग निपाह वायरस की संभावना भी जता रहे हैं। गांव के अन्य लोगों में भी इसी प्रकार के लक्षण दिखने लगे हैं, जिससे ग्रामीण काफी डरे हुए हैं और स्थानीय प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
सरकार से जांच कराने की मांग
इंदु देवी ने कहा, 'सरकार को मामले की जांच करनी चाहिए। ग्रामीण डरे हुए हैं और उन्हें डर है कि उन्हें या उनके बच्चों को ऐसा कुछ न हो जाए। मृतक और बीमार सभी गांव में ही रहते थे और कहीं बाहर काम के लिए नहीं गए थे। बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते। मरीज को पेट में दर्द होता है, फिर उल्टी होती है, चेहरा पीला पड़ जाता है और वह पूरी तरह सुस्त हो जाता है। तीन-चार दिन में मौत हो जाती है।'
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पंद्रह दिनों में दो युवकों की मौत
गांव के ही उचित कुमार ने बताया कि पंद्रह दिनों में दो युवकों की मौत हो चुकी है और चार युवक विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। कई और युवकों में लक्षण दिख रहे हैं। बीमारी की पहचान अभी नहीं हो पाई है। एक युवक अपने रिश्तेदार के यहां आया और वह भी बीमार हो गया। जब उसने अनुमंडलीय अस्पताल के डॉक्टर अजय कुमार को रिपोर्ट दिखाई, तो बताया गया कि मृतक के लिवर, किडनी, खून और दिमाग में समस्या थी और मृत्यु के समय मुंह और नाक से खून भी निकला।