वैशाली जिले में शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जन वितरण प्रणाली यानी पीडीएस की दुकान की आड़ में बीच बस्ती एक घर के अंदर अवैध शराब फैक्ट्री चलाई जा रही थी। गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस ने टीम बनाकर छापेमारी की और पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
पीडीएस दुकान की आड़ में चल रहा था अवैध कारोबार
मामला वैशाली जिले के सराय थाना क्षेत्र के शीतल भकुरहर गांव का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक घर में पीडीएस दुकान की आड़ में अवैध शराब बनाई जा रही है। इसके बाद सराय थाना पुलिस ने सदर टू डीएसपी गोपाल मंडल की मौजूदगी में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर के अंदर से भारी मात्रा में शराब बरामद की। चावल के बोरों में छिपाकर शराब रखी गई थी। पुलिस ने मौके से डुप्लीकेट शराब बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा किया।
बड़ी मात्रा में सामान बरामद, पांच लोग हिरासत में
पुलिस को घर से अलग अलग ब्रांड के शराब रैपर, खाली बोतलें, शराब बनाने के उपकरण और कच्चा माल मिला है। बरामद सामान से साफ है कि यहां बड़े पैमाने पर शराब का उत्पादन और पैकिंग की जा रही थी। मौके से पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। सभी से थाने ले जाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है जो लंबे समय से पीडीएस दुकान की आड़ में अवैध शराब का कारोबार चला रहा था।
जांच जारी, आगे होगी कानूनी कार्रवाई
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध फैक्ट्री के तार किन लोगों से जुड़े हैं। जांच पूरी होने के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संबंध में सदर टू डीएसपी गोपाल मंडल ने बताया कि वैशाली पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई और शराब कारोबार का खुलासा किया गया है।