मोतिहारी के सबसे बड़े अस्पताल सदर अस्पताल से लापरवाही की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां डॉक्टर बिजली कट जाने के बाद जेनरेटर के अभाव में टॉर्च लाइट जलाकर मरीज देखते नजर आ रहे है। वहीं अन्य कर्मचारी टॉर्च जलाकर ही अपना काम करते नजर आ रहे है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे स्वास्थ्य विभाग के बारे में कितने भी कसीदे पढ़ ले लेकिन स्वास्थ्य विभाग का हकीकत कुछ और ही सामने आ रहा है। ताजा तस्वीर मोतिहारी के सबसे बड़े अस्पताल सदर अस्पताल से सामने आ रही है। जहां बिजली कट जाने के बाद जेनरेटर के अभाव में टॉर्च जलाकर डॉक्टर मरीज देखते नजर आ रहे है। जबकि अन्य कर्मचारी टॉर्च के रोशनी में ही काम करते नजर आ रहे है।अचानक लाइट कट जाने से पूरे सदर अस्पताल में अंधेरा पसरा हुआ नजर आ रहा है। ताजा तस्वीर मोतिहारी सदर अस्पताल के स्वास्थ्य व्यवस्था का पोल खोल रही है। बता दे कि सदर अस्पताल की यह तस्वीर कोई नई नहीं है। इसके पहले भी इसी सदर अस्पताल में जेनरेटर के अभाव में डॉक्टर टॉर्च के रोशनी में ऑपरेशन करते भी देखे गए है। बहरहाल एक तरफ बिहार सरकार अपने विकास का भले ही ढिंढोरा पीट रहा हो। लेकिन मोतिहारी का सदर अस्पताल अब भी विकास से कोसों दूर नजर आता है। वहीं इस सम्बन्ध में मोतिहारी के सिविल सर्जन डॉक्टर विनोद कुमार सिंह से अमर उजाला के प्रतिनिधि ने दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश किया लेकिन कई बार रिंग होने के बाद भी उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। जबकि स्वास्थ्य प्रबंधक ने बताया कि मैं इसमें कुछ नहीं बता सकता इस बारे सिविल सर्जन ही बताएंगे। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे स्वास्थ्य विभाग के बारे में कितने भी कसीदे पढ़ ले लेकिन स्वास्थ्य विभाग का हकीकत कुछ और ही सामने आ रहा है।