पटना DM त्यागराजन एस.एम. ने चुनाव आयोग द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव से पहले अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने पर कहा, "विशेष गहन पुनरीक्षण जो 25 जून से प्रारंभ हुआ था आज उसकी अंतिम सूची प्रकाशित हुई है। सभी राजनीतिक दलों को बुलाकर उन्हें पूरी सूची सौंपी गई है। सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्ष उपस्थित थे और सभी लोगों ने संतुष्टी व्यक्त की है... दावा-आपत्ति के दौरान भी कई योग्य मतदाताओं को नियम अनुकूल जांच के बाद मतदाता सूची में शामिल करवाया गया है। राजनीतिक दलों की जो चिंताएं हैं उनका पूरी तरह से समाधान किया गया है। उनके साथ लगातार हम बैठक कर रहे हैं, उनकी चिंताएं समझ रहे हैं और उस ओर काम कर रहे हैं... SIR को जिस उद्देश्य से प्रारंभ किया गया था, मुझे लगता है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के आलोक में आज हमने अंतिम प्रकाशन जारी किया है और उस उद्देश्य को पूरा भी किया है... जो भी लोग वास्तव में योग्यता नहीं रखते हैं, उन लोगों का नाम हटाया गया है और दावा आपत्तियों का भी विधिवत निष्पादन किया गया है..."
जिस मतदाता सूची प्रारूप को लेकर बिहार में बवाल हो रहा था, उसे 30 सितंबर को जारी कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने इसे फाइनल वोट लिस्ट का नाम दिया है। मतदाता चुनाव आयोग के वेबसाइट या वोटर्स सर्विस पोर्टल या एप पर जाकर अपना फाइनल वोटर लिस्ट देख सकते हैं। लिस्ट पूरी तरह डिजिटल है। इसे आसानी से देखा जा सकता है। इतना ही नहीं चुनाव आयोग ने पूरी वोटर लिस्ट का पीडीएफ भी अपलोड कर दिया है। इसके अलावा बिहार एसआईआर रोल 2025 की भी पूरी लिस्ट अपलोड की गई है। इसमें सभी 243 विधानसभा के मतदाताओं की लिस्ट है। राजनीतिक दल या मतदाता अपने-अपने विधानसभा के वोटर लिस्ट की जांच भी कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को सार्वजनिक करने के साथ-साथ हर जिले के निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय में भौतिक प्रति भी उपलब्ध करवा दी है। सभी राजनीतिक दलों को भी मतदाता सूची प्रारूप की अंतिम सूची उपलब्ध करवा दी गई।