बिहार विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा के छह प्रत्याशी उतरेंगे। राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के समापन पर बिहार आए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्षी गठबंधन को लेकर कई तरह की संभावनाएं जताई थी, लेकिन बिहार में महागठबंधन के अंदर सीटों के बंटवारे पर सार्थक बातचीत नहीं देख अब झारखंड मुक्ति मोर्चा में यह फैसला लिया है। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पांच प्रत्याशी उतारे थे। पांचों प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। ऐसे में महागठबंधन को लेकर संभावनाएं तलाशी जा रही थी। झारखंड में राजद और कांग्रेस झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ है, यह भी ऐसी तैयारी हो रही थी। जिन छह सीटों पर पार्टी ने अपने प्रत्याशी उतारे हैं, उनमें चकाई, धमदाहा, कटोरिया, पिरपैंती, मनीहारी और जमुई शामिल हैं। यह सभी छह सीटें बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की है। बता दें कि पहले जेएमएम बिहार विधानसभा चुनाव में 16 सीटों देने की मांग कर रहा था। बाद में वह 12 सीटों पर आ गया। इसे लेकर जेएमएम के कुछ नेता पटना भी गये थे। तेजस्वी यादव समेत महागठबंधन के कई बड़े नेताओं से बातचीत की, लेकिन बात नहीं बनी तो वापस लौट आये। शनिवार को पार्टी के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी है।