गोविंद वन्य जीव विहार पार्क की सांकरी रेंज में वन विभाग की ओर से जब्त देवदार की लकड़ी को बिना अनुमति निर्माण कार्यों में इस्तेमाल करने का मामला प्रकाश में आया है। यह प्रकरण लकड़ियों की सार्वजनिक नीलामी के दौरान सामने आया। नीलामी से पूर्व जब ठेकेदार लकड़ी देखने सांकरी गए तो वहां लकड़ी मौजूद नहीं थी। पार्क प्रशासन का कहना है कि संबंधित रेेंज अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
गोविंद वन्य जीव विहार के सांकरी रेंज में देवदार के 90 जब्ती नग थे। 18 अगस्त को वन निगम ने इन लकड़ियों की की सार्वजनिक निलामी की घोषणा की थी। ठेकेदार सांकरी पहुुंचे तो उन्हें मौके पर लकड़ी नहीं मिली। देवदार के इन 90 नगों का मूल्य करीब सवा दो लाख बताया जा रहा है। उप निदेशक डीपी बलूनी ने बताया कि जांच में पता चला कि बिना अनुमति इन नगों का विभागीय भवन की मरम्मत में इस्तेमाल किया गया है। इसके लिए रेंज अधिकारी से स्पष्टीकरण मांग गया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वन निगम ने भी निलामी में देर की है।