हर्षिल घाटी के आठ गांव के काश्तकारों ने पुलिस की ओर से सीमांत क्षेत्रों के लोगों से सामंजस्य स्थापित करने के लिए होने वाले मेले का बहिष्कार किया है। उन्होंने मेले से पहले उनकी समस्याओं के निस्तारण की मांग की।
शनिवार को सीमांत क्षेत्रों के लोगों के साथ सामंजस्य स्थापना के लिए पुलिस व एलआईयू की टीम मेला आयोजन का प्रस्ताव लेकर हर्षिल पहुंची थी। इस दौरान हर्षिल पंचायत भवन में हुई बैठक में ग्रामीणों के साथ प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसमें काश्तकारों ने पहले उनकी समस्याओं के निस्तारण की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होगा, वह किसी सरकारी आयोजन में शामिल नहीं होंगे। आठों गांव के प्रधानों ने कहा कि यदि वन सचिव व उद्यान सचिव मेले प्रस्तावित गोष्ठी में आकर उनकी समस्याएं सुनते हैं तो ही वह मेले में शामिल होंगे। इस मौके पर हर्षिल प्रधान दिनेश रावत, धराली प्रधान प्रभा देवी, मुखबा शिवकला, बगोरी सरिता देवी, पुराली बीना, जसपुर हरीश राणा, सुक्की प्रधान रेखा देवी, सुशील रौतेला आदि मौजूद थे।