फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड में 800 करोड़ की लागत से संवरेगी ऊर्जा निगम की तस्वीर

विज्ञापन
Project of UPCL in Kashipur
विज्ञापन
काशीपुर। उत्तराखंड में अगले तीन सालों में उपभोक्ताओं को निर्बाध और सुरक्षित बिजली मिलने लगेगी। भारत सरकार की रिवैंप योजना से ऊर्जा निगम की तस्वीर संवारी जाएगी। इस योजना का ब्लू प्रिंट तैयार हो चुका है। इस पर 800 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है। दिसंबर के अंत तक इस योजना को स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन

केंद्र सरकार की रिवैंप योजना का मकसद उपभोक्ताओं को 24 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इस योजना के क्रियान्वयन पर फाल्ट होने की स्थिति में सिर्फ एक लाइन ही प्रभावित होगी। इसके लिए सभी खंडों में 33 और 11 केवी नवीन लाइनों का निर्माण किया जाएगा और उनकी क्षमता वृद्धि की जाएगी। इस योजना में लो वोल्टेज सिस्टम को मजबूत करना, सुरक्षित विद्युत आपूर्ति के लिए खुले तारों की बजाय आरमर्ड सर्विस केबिल आदि पर काम किया जाएगा।
त्रुटिरहित बिल और उनके भुगतान के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटरिग की व्यवस्था की जाएगी। सभी बिजलीघरों की क्षमता में वृद्धि भी इसमें प्रस्तावित है। हर फीडर की निगरानी करने के लिए स्विच लगेंगे और सबस्टेशन पर कैपेसीटर बैंक होगा। सौभाग्य योजना के अधूरे काम भी रिवैंप योजना से पूरे किए जाएंगे।
विज्ञापन

ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता एससी त्रिपाठी ने बताया कि योजना के पहले चरण में बिजली चोरी रोकने और लाइन लॉस कम करने पर काम किया जाएगा। सभी बिजलीघरों के लिए अंडरग्राउंड केबल बिछाई जाएगी। डिविजनों में जरूरत के हिसाब से 33 केवी और 11 केवी फीडर, 220/132 केवी उपकेंद्र स्थापित कर पावर परिवर्तक लगाए जाएंगे।
सब डिवीजनों में नई लाइनों का निर्माण कर फीडरों के अनुसार उसका विभक्तीकरण किया जाएगा। जर्जर लाइन एलटी कंडक्टर को एबीसी से बदला जाएगा। त्रिपाठी ने बताया कि काशीपुर में अलीगंज और मुरादाबाद रोड पर दो नए बिजलीघर स्थापित किए जाएंगे। जसपुर और बाजपुर बिजलीघरों को अपग्रेड कर उनका आधुनिकीकरण किया जाएगा।
रिवैंप योजना से बिजली आपूर्ति में सुधार आएगा। उपकेंद्रों और ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, जर्जर तार बदले जाने है। इस संबंध में प्रस्ताव पॉवर फाइनेंस कार्पोरेशन(पीएफसी) को भेजा जा रहा है। स्वीकृति मिलने पर काम शुरू करा दिया जाएगा। इस काम पर 800 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।
विज्ञापन

एमएल प्रसाद, निदेशक (परिचालन) ऊर्जा निगम, देहरादून।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें