काशीपुर। क्षेत्र में बेटियों की संख्या आठ महीने तक गिरने के बाद उनकी संख्या में सुधार हुआ है। जनवरी से अगस्त तक पैदा हुई बेटियों की संख्या बेटों से लगातार कम रही लेकिन सितंबर-अक्तूबर में बेटियों की जन्मदर बेटों से ज्यादा है। इसे स्वास्थ्य विभाग अच्छा संदेश मान रहा है।
बीते वर्ष काशीपुर ब्लॉक में बेटियों की संख्या में काफी गिरावट देखने को मिली थी। ब्लॉक का लिंगानुपात कम रहा। इसके लिए क्षेत्र के अल्ट्रासाउंड सेंटरों को जिम्मेदार माना गया। कहा गया कि सीमावर्ती यूपी के कुछ जिलों के साथ-साथ काशीपुर क्षेत्र के अल्ट्रासाउंड सेंटरों की भूमिका शक के दायरे में है।
आशंका जताई गई कि शायद चंद पैसों के लालच में अल्ट्रासाउंड संचालक बच्चे का लिंग माता-पिता को बता देते हैं और इसके बाद गर्भ में ही बेटियों का गला घोट दिया जाता है।
इस साल भी बीते वर्ष की तरह स्थिति खराब थी। जनवरी से अगस्त तक हर महीने बेटियों की संख्या में गिरावट देखने को मिली। एलडी भट्ट राजकीय चिकित्सालय के आंकड़ों के अनुसार इन आठ महीने के दौरान हर महीने बेटों की अपेक्षा कम बेटियों से जन्म लिया।
जनवरी में 104 लड़के और 94 बेटियों ने अस्पताल में जन्म लिया। इस तरह कुल 198 बच्चों में 104 लड़के थे और 94 लड़कियां थीं। इसी तरह फरवरी में 96 लड़के और 69 लड़कियों ने जन्म लिया। मार्च का भी यही हाल रहा। इस महीने कुल 96 लड़के और 81 लड़कियों ने जन्म लिया।
माह का नाम/ लड़का/लड़की/कुल
जनवरी/104/ 94/ 198
फरवरी /96/ 69 /165
मार्च /96/ 81 /177
अप्रैल 79 /64 /143
मई/ 60 /40 /100
जून /65/ 57/ 122
जुलाई /118 /97/ 215
अगस्त /124/ 117/ 241
सितंबर /122/ 137/ 259
अक्तूूबर/ 120/ 149 /269।