प्रतापनगर के थौलधार बाजार में मांगों को लेकर चक्का जाम करते मांजफ के ग्रामीण।
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मांजफ के ग्रामीणों का रविवार को लोनिवि के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। खेतों का मुआवजा न मिलने और क्षतिग्रस्त सार्वजनिक रास्तों, पेयजल योजना व सिंचाई नहर की मरम्मत नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने लंबगांव-प्रतापनगर मोटर मार्ग करीब पांच घंटे जाम किया।
मांजफ के ग्रामीण रविवार सुबह करीब आठ बजे गांव के समीप लंबगांव-प्रतापनगर मोटर मार्ग पर एकत्रित हुए। मुआवजा भुगतान की मांग को लेकर वहां पर ग्रामीणों ने चक्का जाम किया। ग्रामीणों का कहना था कि लोनिवि दो साल पहले मांजफ-घोल्डाणी मोटर मार्ग का निर्माण कर चुका है। सड़क निर्माण के लिए उनके खेत अधिग्रहण किए थे। सालभर पहले खेतों की रजिस्ट्री भी विभाग ने अपने नाम करा दी थी, लेकिन उन्हें खेतों का मुआवजा नहीं दिया गया है। सड़क निर्माण के दौरान जगह-जगह गांव के सार्वजनिक रास्ते, पेयजल योजना और सिंचाई नहर भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। क्षतिग्रस्त योजनाओं का मरम्मत कार्य भी नहीं किया गया। मुआवजा भुगतान और क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत करने की मांग वे लगातार करते आ रहे हैं। विभागीय अधिकारी उन्हें सालभर से कोरे आश्वासन दे रहे हैं।
चक्का जाम की सूचना पर एसडीएम रजा अब्बास व लोनिवि के सहायक अभियंता योगेश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि क्षतिग्रस्त रास्तों, पेयजल योजना और सिंचाई नहर का 20 दिन के भीतर मरम्मत कार्य किया जाएगा। एक माह के भीतर मुआवजा और पेड़ों का भुगतान किया जाएगा। जाम लगाने वालों में पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुरारी लाल खंडवाल, बीडीसी सदस्य धीरेंद्र महर, प्रधान देवेश्वरी देवी, राकेश सिंह, धनपाल महर, आनंद सिंह महर, बिजेंद्र सिह, विक्रम थलवाल, गुमान सिह, राकेश थलवाल, पुलम सिंह महर, नत्थी लाल आदि शामिल रहे।