प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी अस्पताल के उच्चीकरण का प्रस्ताव सिर्फ फाइलों में रेंग रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि उच्चीकरण के लिए शासनस्तर पर मजबूती से पैरवी करने में रुचि नहीं ले रहे हैं, जिससे अस्पताल के विस्तार के लिए स्वास्थ्य विभाग को अपनी भूमि दान देने वाले ग्रामीण खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। छह माह पूर्व अस्पताल को लाखों की एक्सरे मशीन भी मिल चुकी है, लेकिन कमरों के अभाव में एक्सरे मशीन का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है।
भिलंगना ब्लॉक के पिलखी में 1982 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना हुई थी। स्थापना के 39 साल बाद भी अस्पताल का विस्तारीकरण नहीं हो पाया है। तीन साल पहले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने प्राथमिक अस्पताल पिलखी का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकरण करने की बात कही थी। पिलखी के ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों के कहने पर अपनी नौ नाली भूमि स्वास्थ्य विभाग को दान दी, लेकिन अस्पताल विस्तारीकरण की कार्रवाई इंचभर भी आगे नहीं बढ़ पाई। भूमि दान देने वाले चंद्रमोहन लसियाल, हीरामणि बिजल्वाण, देव सिंह, बीडीसी सदस्य कृष्णा देवी व प्रधान बबीता देवी का कहना है यदि शासन-प्रशासन अस्पताल का उच्चीकरण नहीं कर पा रहा है, तो उनकी भूमि उन्हें वापस दी जाए। लोगों को एक्सरे के लिए 20 किमी दूर बेलेश्वर या 60 किमी दूर नई टिहरी जाना पड़ता है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी अस्पताल का उच्चीकरण का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। शासन को ही इस बारे में निर्णय लेना है। जिलास्तर से जो भी औपचारिकताएं होनी थी, वह पूरी कर पूर्व में शासन को भेजी जा चुकी है। - डा. संजय जैन, सीएमओ, टिहरी।
पिलखी अस्पताल का उच्चीकरण क्यों नहीं हो रहा है। सीएमओ ही इस बारे में बता सकते हैं। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से इस बारे में बात करूंगा। अस्पताल को भूमि दान देने के लिए मैने खुद दो बार ग्रामीणों के साथ वार्ता कर उन्हें तैयार कराया। विलंब होने पर लोगों को गुस्सा भी जायज है। - शक्ति लाल शाह, विधायक घनसाली।