सौंग नदी से खदरी क्षेत्र में हुआ कटाव।
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ऋषिकेश। बुधवार की रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण सौंग नदी के तेज बहाव से खदरी के कई किसानों के खेत, ग्राम समाज और वन पंचायत की भूमि बह गई। हाथियों से सुरक्षा के लिए लगाई गई सौर ऊर्जा तारबाड़ भी नदी में समा गई। गांव में आवागमन के लिए बनाई गई लकड़ी की कच्ची पुलिया बह गयी।
स्थानीय निवासी विनोद जुगलान ने बताया कि तीन अगस्त को जिला गंगा सुरक्षा समिति की बैठक में उक्त स्थान पर बाढ़ से भू कटाव की आशंका जताते हुए जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने सिंचाई विभाग के उपखंड अधिकारी अनुभव नौटियाल को मौके का मुआयना कर सुरक्षा प्रबंध करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन तीन सप्ताह बीत जाने के पश्चात भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। सौंग नदी खादर की ओर रुख कर गयी। किसानों की 60 साल पुरानी पुश्तैनी भूमिधरि की सैकड़ों बीघा भूमि नदी में समा रही है। पुराने पीपल के समीप दिनेश प्रसाद, विनोद प्रसाद, सुदामा प्रसाद का खेत सौंग नदी के खेत नदी के बहाव की चपेट में आकर बह गए हैं। वहीं गौहरी माफी में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। पूर्व ग्राम प्रधान सरिता रतूड़ी ने कहा कि सूचना के बाद भी प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही प्रशासन की टीम ने गौहरी माफी की सुध नहीं ली तो स्थानीय लोग धरने प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।