डोईवाला। शुगर मिल में नए गन्ना पेराई सत्र के शुभारंभ के मौके पर आए पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को किसानों का सामना करना पड़ा। नया गन्ना मूल्य घोषित नहीं होने से नाराज किसान पूर्व मुख्यमंत्री के वाहन के आगे लेट गए। पुलिस ने काफी जद्दोजहद के बाद पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र रावत का काफिला मिल में प्रवेश कर सका।
सोमवार को डोईवाला शुगर मिल का नया गन्ने पेराई सत्र के मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा ने विरोध का ऐलान किया था। संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े तमाम किसान मिल गेट पर पहुंचकर धरना देकर बैठ गए। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आप कार्यकर्ताओं ने ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों की मांगों का समर्थन किया। नारेबाजी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत का काफिला जैसे ही मिल के मुख्य द्वार पर पहुंचा तो किसान उनके वाहन के आगे लेट गए। काले झंडे दिखाते हुए सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। काफी देर हंगामा और जद्दोजहद के बाद पुलिस ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत रावत के काफिले को मिल परिसर में प्रवेश कराया। नया गन्ना मूल्य घोषित नहीं करने को लेकर किसानों को आक्रोश देखने को मिला। संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष ताजेन्द्र सिंह ने कहा कि समीपवर्ती राज्यों ने गन्ना मूल्य घोषित कर दिया है। जबकि उत्तराखंड सरकार खामोश है। किसान सभा के जिलाध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि बढ़ती महंगाई के सापेक्ष गन्ना मूल्य तय होना चाहिए। पिछले कई सालों से मूल्य नहीं बढ़ाया गया है। जिससे किसानों में रोष है। विरोध प्रदर्शन में किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र सजवाण, भाकियू जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र खालसा, बलबीर सिंह, कमरुदीन, याकूब अली, उम्मेद वोरा, मनोज नौटियाल, कांग्रेस नेता मोहित उनियाल, हाजी अमीर हसन, सागर मनवाल, शंकर सिंह कान्याल, गुरदीप सिंह, राजेन्द्र पुरोहित, फुरकान अहमद कुरैशी, राजू मौर्य, हरबंश सिंह, गौरव मल्होत्रा, प्रिंस, पूरण सिंह, सरजीत सिंह, अनूप पाल, अय्यूब हसन, मदनजीत, प्रताप सिंह, जसबीर और जरनैल सिंह आदि थे।
किसानों का आपस में हुआ विवाद
डोईवाला। नया गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन के दौरान किसान संगठन के कुछ लोगों में आपस में विवाद हो गया। कुछ किसानों के मिल में अंदर जाने पर विवाद खड़ा हो गया। आरोप प्रत्यारोप शुरू होने पर किसान एक दूसरे पर नाराजगी जताने लगे। वहीं बाद वरिष्ठ किसानों के समझाने बुझाने पर मामला शांत हो गया।
पेराई सत्र के दौरान यह लोग रहे मौजूद
डोईवाला। शुगर मिल के पेराई सत्र के दौरान मुख्य रसायनज्ञ पीके पांडेय, मुख्य लेखाकार अशोक गर्ग, मुख्य गन्ना प्रबंधक सतेन्द्र कुमार, पूर्व राज्यमंत्री करन बोरा, भगतराम कोठारी, खेमचंद पाल,भाजपा विधानसभा प्रभारी संदीप गुप्ता, गन्ना विकास समिति अध्यक्ष मनोज नौटियाल, दिनेश चौहान, वरिष्ठ भाजपा नेता धीरेन्द्र सिंह पंवार , विक्रम सिंह नेगी, महेन्द्र चौधरी, समिति सचिव गजेन्द्र रावत,मंदीप बजाज, पंकज शर्मा, बलजीत सिंह, हरीश कोठारी, बृजभूषण गैरोला, ऋतु मित्रा, ललित पंत, सुशील वर्मा, कोमल कन्नौजिया, अनीता अग्रवाल,रामेश्वर पांडे, मनवर नेगी, बख्तावर सिंह, दिनेश सजवाण,ललित जायसवाल, विजय शर्मा आदि मौजूद थे।
उत्तराखंड ऐसा राज्य है। जिसने शत प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। गन्ना किसानों को समय पर भुगतान की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री जल्द नया गन्ना मूल्य घोषित कर देगे। विरोध करने वालो के बारे में मुझे कुछ नहीं कहना है।
त्रिवेन्द्र रावत सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री
गन्ना हमारे क्षेत्र के लिए किसानों की प्रमुख फसल है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की भावनाओं के अनुरूप कृषि बिल वापस लेकर दरियादिली दिखाई है। किसानों को अधिक से अधिक गन्ना मूल्य मिले इसके लिए मुख्यमंत्री से अनुरोध किया जाएगा।
प्रेमचंद अग्रवाल, अध्यक्ष विधानसभा।
डोईवाला में शुगर मिल पहुंचने पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल- फोटो : RISHIKESH