पिथौरागढ़। जिले में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) दिवस पर कई कार्यक्रम हुए। कहीं स्वच्छता अभियान चला तो कहीं प्रतियोगिताएं हुईं।
महाविद्यालय में शुक्रवार को एनएसएस प्रभारी डॉ. सरोज वर्मा के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1964-66 के अध्यक्ष डॉ. डीसी कोठारी की संस्तुति पर 24 सितंबर 1969 से 37 विश्वविद्यालयों में एनएसएस की शुरुआत हुई।
एनएसएस का उद्देश्य वाक्य स्वयं से पहले आप है। समाज के प्रति समर्पण और सेवा भाव है। उन्होंने कहा कोविड काल में स्वयंसेवकों ने लोगों को जागरूक किया। जरूरतमंदों की मदद की। प्राचार्य डॉ. अशोक नेगी ने एनएसएस के उद्देश्य बताए। वहां पोस्टर, निबंध प्रतियोगिता भी कराई गई।
पोस्टर प्रतियोगिता में सुमन, काजल प्रथम, अपूर्वा द्वितीय, मनीषा तृतीय, निबंध में पल्लवी खर्कवाल प्रथम, शिवानी, दीप्ति द्वितीय, काजल तृतीय रहीं। विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर डॉ. ममता बिष्ट, डॉ. बृजेश सिंह, कैलाश चंद्र जोशी, सुरेंद्र ढकरियाल, कपिल, दिनेश, भावना, गीतिका, सीमा आदि रहे। वहीं एसडीएस जीआईसी में प्रधानाचार्य मोहन चंद्र पाठक के नेतृत्व में कई कार्यक्रम हुए।
राइंका सूखीढांग में भी चला सफाई अभियान
टनकपुर/लोहाघाट (चंपावत)। राजकीय इंटर कॉलेज सूखीढांग में स्वयंसेवी छात्र-छात्राओं ने स्वयं सफाई कर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। प्रधानाचार्य प्रेम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में स्वयंसेवियों को एनएसएस के उद्देश्य, सिद्धांत बताए।
वहीं राजकीय पीजी कॉलेज लोहाघाट में शुक्रवार को प्राचार्य डॉ. संगीता गुप्ता ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कहा कि युवाओं का व्यक्तित्व विकास कर उन्हें समाज हित के कार्यों से जोड़ने के लिए एनएसएस की स्थापना हुई। एनएसएस का उद्देश्य साक्षरता, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान चलाकर सामाजिक जागरूकता पैदा करना है।
डॉ. रितु मित्तल, डॉ. प्रकाश लखेड़ा ने एनएसएस स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया। इस मौके पर डॉ. रुचिर जोशी, चंद्रा जोशी, सुनील गुरुरानी, रितिक टम्टा, संतोषी अधिकारी, नीमा, रेशमा, शोभा आदि रहे।