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पिथौरागढ़ जिले में कई जगह धधक रहे जंगल करोड़ों की वन संपदा का हो रहा है नुकसान

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नाचनी के बाथी गूंठ के पंचायती वन क्षेत्र आग बुझाते ग्रामीण। - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़/बेड़ीनाग/नाचनी। सीमांत जिले में कई जगह जंगल धधक रहे हैं। जंगलों में आग से करोड़ों की वन संपदा को काफी नुकसान हो रहा है। वन्यजीवों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। जंगलों में आग से बचने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास इन दिनों कई जंगली जानवर दिखाई दे रहे हैं।
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बेड़ीनाग क्षेत्र के शाह गराऊं, पोस्ताला, हजेती, जाख, बरसायत, उडियारी क्षेत्र के जंगलों में बीते दो दिन से जंगल जल रहे हैं। हर ओर धुआं फैला है। हालांकि वन विभाग के कर्मचारी देर रात तक आग बुझाने में जुटे रहे। बेड़ीनाग क्षेत्र में 15 हेक्टेयर से अधिक जंगल जल चुका है। तेज हवा से भीषण होती आग के सामने वन विभाग के कर्मचारी भी लाचार नजर आ रहे हैं। हालांकि बेड़ीनाग के आसपास के क्षेत्र में आग पर काफी हद तक काबू पाने में वन विभाग सफल रहा है, लेकिन हजेती, बरसायत, चौड़मन्या, कोटेश्वर, पोस्टला आदि जगह के दुर्गम जंगलों में अब भी आग धधक रही है।
नाचनी क्षेत्र में जंगलों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बुधवार को वन दरोगा रमेश लोधियाल के नेतृत्व में बाथीं-गुट, कोट्यूड़ा, हुपली के पंचायती वनों में ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। आग से तीनों पंचायती वनों में आठ हेक्टेयर जंगल जल गया। आग बुझाने में सरपंच गणेश सिंह, दुर्गा सिंह, भगत सिंह, पुष्कर सिंह, दीवान सिंह, राधा देवी, दीपा देवी, खीमा देवी ने सहयोग किया।
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जंगल की आग से थल क्षेत्र में नहीं हुए सूर्य के दर्शन
थल (पिथौरागढ़)। पिछले पांच दिनों से थल क्षेत्र के वन पंचायत और वन विभाग के चीड़ के जंगलों में लगी आग से चारों ओर धुआं भर गया है। बुधवार सुबह से यह धुआं गहरे कोहरे की तरह छा गया। धुएं के कारण लोगों को सूरज के दर्शन नहीं हो पाए। धुएं से हवा भी प्रदूषित हो चुकी है। जहरीले धुएं से लोगों की आंखों में जलन और गले में खराश हो रही है। इससे प्रचंड गर्मी होने लगी हैं। धूप के धुएं की आगोश में छिप जाने के बाद थल का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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