गृह जनपदों में अतिथि शिक्षकों की तैनाती करने और मानदेय पंद्रह हजार से बढ़ाकर पच्चीस हजार करने की मांग को लेकर नैनीडांडा और रिखणीखाल ब्लाक के अतिथि शिक्षकों ने ब्लाक मुख्यालयों में प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग को लेकर सीएम को ज्ञापन भेजा। उन्होंने सरकार से उनकी मांगों को लेकर की गई घोषणा का शासनादेश जारी करने की मांग की।
नैनीडांडा अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष संदीप कुमार ने नैनीडांडा के अतिथि शिक्षकों को मई और जून का मानदेय नहीं देने पर नाराजगी जताई। रघुबीर नेगी, रुचिता, जीवन प्रकाश, महेश सिंह, मुकेश, दिनेश, विनोद, संजीव, ज्योति ने मांगें जल्द पूरा करने की मांग की। उधर, रिखणीखाल मेें अतिथि शिक्षकों ने मांगों को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने वेतन वृद्धि का शासनादेश जारी कर दिया है, लेकिन दो मांगों पर अभी तक कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने सरकार से जून और जुलाई माह की वेतन विसंगति को दूूर करने, अतिथि शिक्षकों के पद रिक्त न माने जाने और मूल गृह जिले में प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरण करने की मांग की। इस अवसर पर ब्लाक अध्यक्ष शिवचरण सिंह, प्रभा देवी, रविंद्र सिंह गुसाईं, शिखा रावत और राकेश भट्ट आदि मौजूद थे।
मांगों के समर्थन में नारेबाजी
बैजरो। गृह जनपद में तैनाती और अतिथि शिक्षकों के रिक्त पदों को सुरक्षित करने की मांग को लेकर बीरोंखाल के अतिथि शिक्षकों ने उपखंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। मंगलवार को बीरोंखाल अतिथि शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष अनिल जोशी के नेतृत्व में शिक्षक बीरोंखाल उपखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में एकत्र हुए। उन्होंने मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने कहा कि चार जुलाई को कैबिनेट की बैठक में अतिथि शिक्षकों की दोनों मांगों को स्वीकार कर लिया गया था, लेकिन अभी तक शासनादेश जारी नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से शीघ्र शासनादेश जारी करने की मांग की। इस अवसर पर ओमप्रकाश, अनामिका बाबुलकर, यतेंद्र रावत, देवेंद्र पुरोहित, गिरीशचंद्र और सविता रावत आदि उपस्थित थे। संवाद