सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और न्यूनतम 21 हजार वेतन दिए जाने समेत 12 सूत्री मांगों के समर्थन में उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन का कार्यबहिष्कार छठवें दिन भी जारी रहा। आशा कार्यकर्ताओं ने कोटद्वार तहसील में प्रदेश सरकार के खिलाफ थाली बजाकर प्रदर्शन किया। महिला कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री रंजना रावत और ग्रामीण विकास नागरिक मंच के अध्यक्ष प्रवेश चंद्र नवानी ने पदाधिकारियों के साथ उन्हें अपना समर्थन दिया।
बृहस्पतिवार को तहसील में आशा कार्यकर्ता एकत्र हुई। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। इस अवसर पर आशाओं ने प्रदेश सरकार पर हठधर्मिता अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि उनको आंदोलन करते हुए छह दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। पूर्व में भी सरकार ने आंदोलन के बाद आशाओं के लिए दस हजार कोविड भत्ता देने की घोषणा की थी, लेकिन उस पर आज तक अमल नहीं किया गया है। वर्ष 2006 से कार्यरत आशाओं का वेतन अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने उनकी मांगों का निराकरण नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
आंदोलन में यूनियन की दुगड्डा ब्लाक अध्यक्ष प्रभा चौधरी, उपाध्यक्ष मीरा नेगी, कल्पना बिष्ट, शोभा देवी, किरन कंडवाल, ज्योति रावत, विमला जोशी, कलावती, राखी रावत, कल्पना काला, रीता देवी, मधु ममगांई, मेघा असवाल, सुमित्रा भट्ट, कविता नेेगी, हेमलता रावत, बसंती रावत, विजय लक्ष्मी आदि मौजूद थे।