खस्ताहाल में बनबसा की ऐतिहासिक पटवारी चौकी। संवाद
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बनबसा (चंपावत)। क्षेत्र की ऐतिहासिक पुरानी पटवारी चौकी के दिन बहुरने वाले हैं। प्रशासन जल्द ही खस्ताहाल हो चुकी ऐतिहासिक पटवारी चौकी की जगह नई चौकी का निर्माण कराएगा। इसके लिए शासन से धन अवमुक्त कर दिया है।
करीब पांच दशक से अधिक समय तक इस पटवारी चौकी में पशु चिकित्सालय संचालित होता था। शासन-प्रशासन की कमी के कारण इस जगह की काफी भूमि अतिक्रमण की भेंट भी चढ़ चुकी है। पटवारी चौकी की भूमि पर ही स्थानीय आयुर्वेदिक अस्पताल और एएनएम सेंटर संचालित हो रहा है।
नए पटवारी भवन निर्माण को शासन से राजस्व विभाग को करीब 8.5 लाख रुपये मिले हैं। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि पुरानी पटवारी चौकी स्थल पर बनबसा एवं चंदनी की पटवारी चौकी बनाई जानी है। इसके निर्माण की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
नए भवन निर्माण की कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग है। पुरानी पटवारी चौकी अपने समय की पर्वतीय शैली (उत्तराखंड) की वास्तुकला का अद्वितीय नमूना था, जो देखरेख के अभाव में इतिहास बन गया है। इस पुरानी पटवारी चौकी में वर्ष 1952 से पशु चिकित्सालय संचालित था।
उस समय नेपाल से होने वाले व्यापार को भी पशु चिकित्सालय से नियंत्रित किया जाता था। अपना भवन बन जाने के बाद पशु चिकित्सालय वर्ष 1992 में वहां स्थानांतरित हो गया था। तब से देखरेख के अभाव में पुरानी ऐतिहासिक पटवारी चौकी खस्ताहाल हो गई।
वहां की 0.025 हेक्टेयर जमीन पर अतिक्रमण भी हो गया। वर्ष 2000 में तत्कालीन डीएम ने जनसहयोग से अस्पताल के लिए भवन का निर्माण कराया था। तब वहां आयुर्वेदिक अस्पताल खोल दिया गया। पटवारी चौकी भवन निर्माण से अतिक्रमण भी रुकने की उम्मीद है।