टनकपुर (चंपावत)। शारदीय नवरात्र शुरू होने के साथ ही मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है। प्रथम नवरात्र पर करीब 20 हजार से ज्यादा भक्तों ने देवी मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
नवरात्र के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए यूं तो श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला बुधवार से ही शुरू हो गया था, लेकिन बृहस्पतिवार की सुबह अचानक भीड़ उमड़ने से अफरा-तफरी का माहौल रहा। सुबह के समय वाहन न मिलने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्य मंदिर में भी श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए कई घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। सीओ अविनाश वर्मा ने बताया कि सुरक्षा के लिए धाम क्षेत्र में पर्याप्त फोर्स तैनात किया गया है। स्थानीय फोर्स के अलावा बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड टीम, डेढ़ सेक्शन पीएसी, पांच उप निरीक्षक, 20 कांस्टेबल, तीन हेड कांस्टेबल, चार महिला कांस्टेबल तैनात किए हैं।
काली मंदिर क्षेत्र में पानी का संकट
शारदीय नवरात्र शुरू हो गए हैं, लेकिन धाम के प्रमुख पड़ाव काली मंदिर क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था सुचारु नहीं हो पाई है। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि दुकानदारों के साथ ही यात्रियों को भी पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है। जल संस्थान के जेई बीएस कुवार्बी का कहना है कि भैरव मंदिर व टुन्यास क्षेत्र में जलापूर्ति सुचारु कर दी गई है। काली मंदिर की लाइन मरम्मत का कार्य अंतिम चरण में है। देर शाम तक जलापूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
पुजारियों और दुकानदारों के चेहरे खिले
श्रद्धालुओं की भीड़ से पूर्णागिरि धाम के पुजारी और दुकानदारों के चेहरे खिल गए हैं। कोरोना महामारी के कारण दर्शन पर रोक से पुजारी और दुकानदार आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। अब उन्हें श्रद्धालुओं की आवाजाही से राहत की उम्मीद है।
नेपाल के सीमांत बाजारों में भी लौटी रौनक
मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं सैलाब उमड़ने और सीमा खुलने से नेपाल के सीमांत ब्रह्मदेव बाजार में पसरा सन्नाटा भी टूट गया है। पूर्णागिरि दर्शन के बाद श्रद्धालु नेपाल स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन के लिए ब्रह्मदेव जा रहे हैं। इससे वहां के बाजार में रौनक लौट आई है।
कोरोना से बचाव के नियमों का नहीं हो रहा पालन
पूर्णागिरि धाम में नवरात्र के पहले दिन ही कहीं भी कोरोना से बचाव के नियमों का पालन होता नजर नहीं आया। दर्शन को आ रहे श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग तो दूर सुरक्षित दूरी और मास्क की अनिवार्यता भी पालन नहीं हो रहा है।