दुष्कर्म के एक आरोपी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र दत्त की अदालत ने दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता प्रकाश सिंह भंडारी ने बताया कि घटना 13 मार्च 2019 की है। गोपेश्वर थाना क्षेत्र निवासी एक युवती किसी परिचित के घर गई थी। वापस आते समय रास्ते में हरी डोभाल उसे जबरदस्ती निर्माणाधीन भवन में ले गया। उसने शादी का झांसा युवती से दुष्कर्म किया। साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। काफी देर तक युवती के घर नहीं आने पर परिजन उसे तलाश करने निकले। परिजनों ने हरी डोभाल को युवती के साथ देख लिया। युवती की मां ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह धक्का देकर भाग गया।
युवती के पिता ने गोपेश्वर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के बाद एसआई मीना ने कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। पीड़िता की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता प्रकाश सिंह भंडारी ने कोर्ट में पैरवी की। कोर्ट में प्रस्तुत गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र दत्त की अदालत ने हरी डोभाल को दुष्कर्म का दोषी पाया। कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में उसे दस साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं, पीड़िता को धमकाने के मामले में तीन महीने के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर 15 दिन अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।