बागेश्वर/अल्मोड़ा। नवरात्रि के पहले दिन सात अक्तूबर से शुरू होने वाली शहीद सम्मान यात्रा के दौरान शहीदों के घर, आंगन की मिट्टी एकत्र की जाएगी। इस पावन मिट्टी को देहरादून के सैन्यधाम ले जाया जाएगा। शहीदों की वीर नारियों और उनके आश्रितों को सम्मानित भी किया जाएगा। बागेश्वर में शहीदों की संख्या 125 है जबकि अल्मोड़ा में 166 शहीद हैं।
मंगलवार को जिलाधिकारी विनीत कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी जीएस बिष्ट ने बताया कि शहीद सम्मान यात्रा का शुभारंभ सात अक्तूबर को पिथौरागढ़ जिले के मूनाकोट और चमोली जिले के देवाल/थराली ब्लॉक से किया जाना है। उत्तराखंड के प्रत्येक जिले से शहीद सैनिकों के घर से पवित्र मिट्टी लाई जाएगी। बागेश्वर जिले के 125 सैनिक अब तक शहीद हुए हैं।
इनमें विकासखंड गरुड़ में 27, कपकोट में 40 और बागेश्वर के 58 शहीद हैं। बताया कि विकासखंड गरुड़ में 7 अक्तूबर से 12 अक्तूबर, बागेश्वर में 16 से 23 अक्तूबर तक, विकासखंड कपकोट में 26 अक्तूबर से एक नवंबर तक शहीदों के घर, आंगन से पवित्र मिट्टी एकत्र की जाएगी। शहीदों की वीर नारियों और उनके आश्रितों को सम्मानित भी किया जाएगा। सम्मान समारोह विकासखंड गरुड़ में 13 अक्तूबर, बागेश्वर में 25 अक्तूबर और कपकोट में 2 नवंबर को आयोजित होगा।
डीएम ने कहा कि देहरादून में शहीदों के सम्मान में सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने की अपेक्षा की। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार, नगरपालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल के साथ ही तमाम अधिकारी और विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद थे।
उधर, अल्मोड़ा में प्रभारी अधिकारी जिलाधिकारी कार्यालय ने बताया कि अल्मोड़ा जिले के 11 ब्लॉकों से 166 शहीदों के घर-आंगन की मिट्टी एकत्रित की जानी है। पावन मिट्टी को कलश में भरकर सैन्य धाम देहरादून ले जाया जाएगा। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस पर भव्य आयोजन होगा।