बागेश्वर। दो सूत्री मांगों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर डटे हैं। कर्मचारियों ने मंगलवार को भी सीएमओ कार्यालय में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मांग पूरी न होने से नाराज कर्मचारियों ने सरकार की ओर से दिए गए कोरोना योद्धा प्रमाणपत्र वापस लौटाने की चेतावनी दी है।
एनएचएम कर्मचारी हरियाणा सरकार की तर्ज पर ग्रेड वेतनमान देने और आउटसोर्स से नियुक्ति प्रक्रिया को समाप्त कर पहले नियुक्त कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण में समायोजित करने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों ने आंदोलन से पूर्व सात से नौ दिसंबर तक तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार किया था।
कर्मचारियों का कहना है कि पूर्व में ज्ञापन देने, धरना-प्रदर्शन करने के बावजूद मांग पूरी न होने पर बेमियादी हड़ताल शुरू की गई थी, लेकिन अब भी आंदोलन की सुध नहीं ली जा रही है। इस कारण मजबूर कर्मचारी अपने कोरोना योद्धा सम्मान लौटा देंगे। धरने में विजय कुमार, अमित तिवारी, गिरीश पाठक, मनोज कुमार बलसूनी, करन जोशी, भूपेंद्र रावत, नवीन शाही, सतीश कांडपाल आदि रहे।
बेमियादी हड़ताल पर डटे रहे आरके
बागेश्वर। नौ सूत्री मांगों को लेकर रजिस्ट्रार कानूनगो बेमियादी हड़ताल पर डटे रहे। कार्यालय परिसर में आरके संघ के सदस्यों ने धरना देकर सरकार से जल्द समस्याओं का निदान करने की मांग की। रजिस्ट्रार कानूनगो की हड़ताल से खतौनी निकासी, आय, जाति, स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनवाने वालों को परेशानी हो रही है। कर्मचारी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं। आंदोलन में देशदीपक वर्मा, नंदन मटियानी, शिव दत्त तिवारी, संजय मुनगली, दयाल गिरी गोस्वामी शामिल हैं।