बागेश्वर। जिले में कोरोना टीकाकरण की दूसरी डोज का लक्ष्य पाने के लिए लागू लक्की ड्रॉ योजना बुधवार को समाप्त हो जाएगी। 15 नवंबर को शुरू इस योजना के तहत विभाग को लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन अब भी स्वास्थ्य महकमा लक्ष्य से 15.81 प्रतिशत दूर है।
योजना के तहत 19 हजार लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। लक्ष्य पाने के लिए विभाग जिला मुख्यालय के चार टीकाकरण केंद्रों समेत घर-घर जाकर भी टीकाकरण कर रहा है।
लोगों ने कोविड टीके की पहली डोज लगवाने के लिए काफी जागरूकता दिखाई। शासन से मिले 1.72 लाख टीकाकरण के लक्ष्य के सापेक्ष 1.85 लाख लोग यानि 107.80 प्रतिशत लोग पहली डोज लगवा चुकेे हैं लेकिन दूसरी डोज के लिए लोगों में इतनी रुचि नहीं दिख रही है।
इसी कारण जहां पहली डोज लगाने के लिए टीकाकरण केंद्रों पर भारी भीड़ उमड़ रही थी लेकिन दूसरी डोज के लिए उपहार योजना और घर-घर जाकर टीकाकरण करवाने की योजना भी कामयाब नहीं हो रही है।
उपहार योजना के अधिक टीकाकरण होने की उम्मीद थी, लेकिन एक महीने में करीब 20 हजार लोग ही इस योजना के तहत टीकाकरण करवा पाए। जिले में 1.56 लाख लोगों को कोरोना टीके की दूसरी डोज लग चुुुकी है। जो निर्धारित लक्ष्य का 84.19 प्रतिशत है।
विभागीय अधिकारी मानते हैं कि इन दिनों विवाह समारोह और अन्य उत्सवों में व्यस्तता के कारण लोग टीके लगवाने कम आ रहे हैं। गांवों में घर-घर जाकर टीकाकरण करने में भी समय लग रहा है। टीकाकरण केंद्रों में आने वालों की संख्या बेहद कम है।
कोरोना टीकाकरण की पहली डोज के लिए अब भी लोग उत्साह दिखा रहे हैं। 18 वर्ष पूरे करने वाले युवा टीकाकरण केंद्र में आकर टीके लगवा ले रहे हैं, लेकिन दूसरी डोज के टीकाकरण की रफ्तार धीमी पड़ गई है। विभाग की ओर से घर-घर टीकाकरण अभियान चल रहा है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। उम्मीद है जल्द ही लक्ष्य पा लिया जाएगा।
- डॉ. प्रमोद जंगपांगी, नोडल अधिकारी, कोविड टीकाकरण, बागेश्वर।