बागेश्वर। जिला पंचायत में समान बजट आवंटन समेत तमाम मांगों को लेकर आंदोलन चला रहे जिपं उपाध्यक्ष और सदस्यों ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न होने पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि यदि उन लोगों के आरोप गलत हैं तो प्रशासन आरोपों को गलत करार दे, या जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे।
जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार के नेतृत्व में धरना दे रहे जिपं सदस्यों ने मांगों को लेकर नारेबाजी की। जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार ने कहा कि उन लोगों के आंदोलन को दो महीने का समय बीतने जा रहा है, तमाम आश्वासनों के बाद भी कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है। कहा कि जिपं में 55 प्रतिशत बजट विवेकाधीन कोष के नाम पर रख लिया जा रहा है। नियुक्तियों में धांधली की गई है। आरोपों की जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई है। जांच रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
जिपं सदस्य हरीश ऐठानी, इंदिरा परिहार, सुरेंद्र खेतवाल, वंदना ऐठानी, पूजा आर्या ने कहा कि यदि उन लोगों के आरोप गलत हैं तो प्रशासन आरोपों को गलत करार दे, अन्यथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे। कहा कि आंदोलन मांग पूरी होने के बाद ही स्थगित किया जाएगा। जिपं सदस्यों के आंदोलन को कांग्रेस नेता रंजीत दास समेत तमाम लोगों ने समर्थन दिया।