शिव मंदिर सोमेश्वर परिसर में खेत में हुड़किया बौल के साथ फूल पौधों की रोपाई करती महिलाएं।
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सोमनाथ शिव मंदिर में सावन माह के अंतिम सोमवार को भक्तों ने पूजा अर्चना की। परंपरा के अनुसार क्षेत्र की महिलाओं ने हुड़किया बौल के साथ मंदिर परिसर से लगेे खेतों में पौधों की रोपाई कर खुशहाली और अच्छी उपज होने की कामना की।
शिव मंदिर में सुबह से ही भक्तजन पहुंचने शुरू हो गए थे। श्रद्धालुओं ने भगवान शंकर को जल चढ़ाया। तत्पश्चात मंदिर परिसर से लगे खेतों में हुड़किया बौल के साथ फूल पौधों की रोपाई प्रारंभ हुई। महिलाओं ने गुलाब, गेंदा आदि फूलों के पौध रोपे। भगवान शंकर से सुख समृद्धि, खुशहाली और अच्छी फसल होने की कामना की। प्राचीन समय से ही क्षेत्र में यह परंपरा कायम है।
मान्यता यह भी है कि नवविवाहिताओं के द्वारा फूल पौधे रोपने से उन्हें संतान की प्राप्ति होती है। पौध रोपण में सोमेश्वर, अर्जुनराठ, मल्लाखोली, पल्यूड़ा, हट्यूड़ा, भानाराठ, टाना, सर्प, माला, बैगनियां, रनमन, जाल, धौलाड़, अधूरिया, रैत, भंडारीगांव, जैंचोली, रतुराठ आदि गांव की महिलाओं ने भाग लिया।