चौखुटिया के बौरागांव में सूखी नहर।
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चौखुटिया (अल्मोड़ा)। बीते दिनों ग्रामीणों की ओर से किए गए प्रदर्शन के बाद धुधलिया बिष्ट चकबरबर नहर में पानी चालू कर दिया गया है। गनाई द्वितीय नहर की सफाई भी शुरू हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह कार्य समय से पहले कर दिया गया होता तो किसान परेशान नहीं होते। उधर बौरा गांव में नहर में पानी न होने से धान की पौध सूख गई है। इधर धुधलिया महर की नहर में भी समस्या बनी है।
ग्रामीणों के जुलूस प्रदर्शन व ईई जगत नारायण सिंह की सख्ती के बाद सिंचाई विभाग के स्थानीय अधिकारी कुछ क्षेत्रों में नींद से जागे हैं। इसके चलते धुधलिया बिष्ट नहर में पानी चालू हो गया है। गनाई द्वितीय नहर की सफाई भी शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई का यह कार्य पहले कर दिया गया होता तो यह नौबत नहीं होती। अभी हालात यह हैं कि लोग नदी से पानी लाकर किसी तरह पौध बचाने में जुटे हैं। लंबे समय से खराब पड़ी धुधलिया महर की नहर के हाल ही भी खराब हैं। लोग कुछ भाग में किसी तरह जुगाड़ कर सिंचाई कर रहे हैं। दूरस्थ भागों में सिंचाई करना मुश्किल हो रहा है।
उधर ग्राम बौरा गांव के ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में सिंचाई नहरों में पानी न होने से धान की पौध पूरी तरह से सूख चुकी है। इससे बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। उधर ग्वैलचौड़ा में भी किसान नौले से पानी लाकर किसी तरह पौध बचा रहे हैं।
इनसेट
कनिष्ठ अभियंता नहीं उठाती हैं फोन
सिंचाई विभाग की कनिष्ठ अभियंता मंजू नेगी समस्याओं का निदान करना तो दूर किसानों की बात भी नहीं सुनना चाहती हैं। लोगों का कहना है कि वे न तो फोन रिसीव करती हैं और न ही मेसेज का जवाब देती हैं। इधर संवाददाता ने भी उनसे फोन से संपर्क का प्रयास किया परंतु उनका फोन रिसीव नही हुआ।