मुरादाबाद में रामपुर के मिलक में जिस महिला को मृत मान लिया गया था। अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। परिजनों ने उसकी हत्या का आरोप लगाते हुए ससुराल वालों पर मुकदमा भी कराया गया था। वह बुधवार को अचानक जिंदा लौट आई। जिसे देखकर परिजन हतप्रभ रह गए। पुलिस भी गांव पहुंच गई और महिला के बयान दर्ज किए।
कोतवाली क्षेत्र के दुगनपुर गांव के सामने सोमवार को हाईवे किनारे एक महिला का शव अर्द्धनग्न अवस्था में मिला था। मंगलवार को शव की शिनाख्त थाना भोट के खैरुल्लापुर निवासी नत्थू सिंह लोधी की बेटी गोमती के रूप में की गई थी।
परिजनों ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए गंज थाना क्षेत्र के बमनपुरी निवासी दामाद मनोहर लाल, राधेश्याम, भूरा और रामेश्वर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने लिया महिला का बयान
इधर, बुधवार को शव के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी कि अचानक गोमती जिंदा लौट आई। जिसे देखकर सभी हतप्रभ रह गए। कोतवाल संतोष कुमार सिंह ने बताया कि गोमती के बयान दर्ज किए गए हैं और हत्या के मामले में आरोपी लोगों के नाम निरस्त किए जाएंगे। मुकदमा भी स्पंज किया जाएगा।
बड़ा सवाल, फिर किसका है शव
हाईवे किनारे मिले महिला के शव की शिनाख्त पर पेंच फंस गया है। जिस महिला के शव की शिनाख्त गोमती के रूप में हुई। वह 24 घंटे के अंदर ही मिल गई। अब सवाल यह उठता है कि शव आखिरकार किस महिला का है? शिनाख्त के लिए पुलिस को अभी कोई क्लू नहीं मिल पाया है। पुलिस ने अब शव का डीएनए टेस्ट कराया है।
शिनाख्त में मां भी धोखा खा गईं थीं
हाईवे किनारे मिले महिला के शव की शिनाख्त करने में गोमती की मां भी धोखा खा गईं थीं। जिस गोमती के लिए उसकी मां फूट-फूटकर कोतवाली में रो रही थी। बुधवार को उसे जीवित देख उसकी बांछें खिल गईं। वह अपनी बेटी के साथ बैठी हुई थी।
पति से झगड़े पर गई थी घर छोड़कर
बकौल गोमती, सोमवार को पति से झगड़ा हुआ था। पति के ताने मिलने पर वह अपनी ससुराल से चली गई थी। उसकी कहानी पर यकीन करें तो वह किच्छा पहुंच गई थी। जहां पर एक महिला ने सहारे के नाम पर एक हजार उड़ा दिए और बेहोशी की हालत में छोड़कर चली गई। वह बुधवार को जब होश में आई तब उसने किसी से अपने भाई के मोबाइल पर बात की। इसके बाद वह बिलासपुर चली आई और उसका भाई उसको यहां से आया।