यूपी में चंदौसी की कोतवाली पुलिस ने बुधवार को अदालत के आदेश पर कैबिनेट मंत्री इकबाल महमूद समेत 15 लोगों के खिलाफ डकैती का मुकदमा दर्ज किया है। संभल विधायक/कैबिनेट मंत्री पर वारदात का षड्यंत्र रचने का आरोप है।
चंदौसी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नूतन विजय ने 28 मई 2014 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि इकबाल महमूद के इशारे पर 25 मई की रात्रि आठ बजे उन पर हमला किया गया। उनकी सोने की चेन लूट ली गई।
साथ ही इकबाल महमूद के खिलाफ बयानबाजी करने और पुतला फूंकने पर धमकाया गया कि पूरे परिवार को तबाह कर दिया जाएगा।
मैं ऐसी ओछी हरकतें नहीं करता: मंत्री
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंजना ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत सुनवाई के बाद 23 जून को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। कोतवाली पुलिस ने बुधवार को कैबिनेट मंत्री इकबाल महमूद, अनीस कुरैशी पुत्र लल्ला, तनवीर कुरैशी, मोहम्मद तहजीम उर्फ मिक्की, सुहेल उर्फ बंटी एवं जीशान पुत्रगण अनीस कुरैशी, रहीस पुत्र लल्ला समेत सात-आठ अन्य लोगों के खिलाफ डकैती का मुकदमा दर्ज किया है।
कैबिनेट मंत्री इकबाल महमूद ने इस बाबत कहा कि नूतन विजय सीनियर एडवोकेट हैं, वह अपने विवेक से ऐसा नहीं कर सकते हैं। निश्चित ही मेरे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के भड़काने पर उन्होंने माननीय न्यायालय को प्रार्थना दिया।
पिछले दिनों मेरा पुतला जलाने के विरोध में चंदौसी के ही कुछ लोगों ने नूतन विजय के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी, जिसकी परिणति में उन्होंने ऐसा किया है। वास्तव में ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं। सभी जानते हैं, मैं ऐसी ओछी हरकतें नहीं करता।