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वाराणसी फ्लाईओवर हादसाः एसएसपी बोले, हमारे पास इतने सबूत हैं कि आरोपियों को कोर्ट से मिलेगी कठोर सजा

Sun, 29 Jul 2018 04:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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चौकाघाट फ्लाईओवर हादसा पीएम और सीएम के संज्ञान में होने के कारण जांच एजेंसी पर था अतिरिक्त दबाव - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे में 15 लोगों की मौत के मामले में सेतु निगम के बड़े पदों पर आसीन सात अधिकारियों की गिरफ्तारी से पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि छोटे पदों पर तैनात कर्मचारियों और मजदूरों को गिरफ्तार कर कार्रवाई का कोरम पुलिस ने नहीं पूरा किया।
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पुलिस की इस कार्रवाई से माना जा रहा है कि बड़ी परियोजनाओं के निर्माण कार्य से संबंधित कार्यदायी संस्थाएं सीख लेंगी और अब आगे घोर लापरवाही के कारण हादसे नहीं होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जानकारी और नजर में  चौकाघाट फ्लाईओवर हादसा होने के कारण तफ्तीश कर रही क्राइम ब्रांच पर अतिरिक्त दबाव था।
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पढ़ेंः वाराणसी फ्लाईओवर हादसे में बड़ी कार्रवाई, सेतु निगम के निलंबित चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सहित आठ गिरफ्तार

15 मई से 15 जुलाई के बीच मुख्यमंत्री जब भी जिले के दौरे पर आए, आला अधिकारियों से हादसे के संबंध में दर्ज मुकदमे को लेकर की गई कार्रवाई के बारे में जरूर पूछेे। सीएम योगी का साफ कहना था कि दोषी जो भी हो वो बचने ना पाए। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने 14 जुलाई की कचनार की जनसभा में फ्लाईओवर हादसे का जिक्र कर दुख जताया था। ऐसे में क्राइम ब्रांच के सामने यह चुनौती थी कि कार्रवाई ऐसी हो कि उस पर कहीं से अंगुली ना उठे और वो नजीर भी बने।

एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने शनिवार को आठ अहम आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ‘अमर उजाला’ से कहा कि हमें कोरम नहीं पूरा करना था बल्कि साक्ष्य के आधार पर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी थी। यह पूरी तरह से तकनीक से जुड़ा और पुलिस के लिए अनूठा मुकदमा था।

पुलिस ने इस मामले में सीबीआई की कार्य पद्धति का अनुसरण कर काम किया। लगभग 20 से 25 दिन पहले सीबीआरआई की तकनीकी रिपोर्ट हमें मिली थी। उसका अध्ययन कर सवालों की सूची तैयार की गई। इसके बाद सेतु निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों, ठेकेदारों और मजदूरों से दोबारा अलग-अलग पूछताछ की गई।

पढ़ेंः ढाई महीने बाद सामने आया सच, इन 10 अहम खामियों की भेंट चढ़ीं 15 जिंदगियां

पूछताछ में सेतु निगम के अधिकारियों ने गुमराह करने वाली ऐसी जानकारियां दी जो पूरी तरह से रिपोर्ट के विपरीत थी। इस बीच साक्ष्य एकत्र करने का हमारा काम जारी रहा। पर्याप्त साक्ष्य एकत्र कर लेने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

इससे पहले उनकी नियमित निगरानी की जाती रही ताकि कोई शहर ना छोड़ने पाए। हमारे पास इतने पर्याप्त साक्ष्य हैं कि सारे आरोपियों को अदालत से कठोर सजा मिलेगी।

बाहर जाने पर थी पाबंदी, गिरफ्तारी की नहीं लगने दी थी भनक

बीम गिरने से 15 लोगों की मौत हुई थी, जल्द ही कुछ और होंगे गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे के बाद सेतु निगम के चिह्नित अधिकारियों के शहर छोड़ने पर क्राइम ब्रांच ने पाबंदी लगा रखी थी। सेतु निगम के अधिकारियों से फ्लाईओवर से जुड़ा सवा दो सौ पन्ने का दस्तावेज कब्जे मेें लिया गया था। वहीं, शनिवार को भी सभी को पूछताछ की बात कह कर बुलाया गया और भनक लगे बगैर ही गिरफ्तार कर भेज दिया गया।

हालांकि इस बीच पुलिस कड़ाई से पेश नहीं आई और अस्पताल में मेडिकल मुआयना के दौरान आरोपी साथ आए सहयोगियों की मदद से मोबाइल से परिजनों से बात करते रहे। उधर, क्राइम ब्रांच के अनुसार अभी इस मामले की विवेचना जारी है।

इसलिए अभी और गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके साथ ही कुछ अन्य को गिरफ्तार भी किया जाएगा। अब तक की कार्रवाई के दौरान 45 से ज्यादा लोगों का बयान दर्जन किया गया है। इसके बाद जाकर अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। 

कोई खराब स्वास्थ्य का देता रहा हवाला तो कोई रहा मौन

- फोटो : अमर उजाला
क्राइम ब्रांच ने सेतु निगम के निलंबित चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सहित आठ आरोपियों को हिरासत में लिया और लिखापढ़ी के लिए सिगरा थाने ले आई। इस दौरान किसी ने अपने बीमार होने की दुहाई दी तो किसी ने कहा कि ड्राइवर को बुला दीजिए दवा खानी है।

जेल जाने की बात सुनते ही सभी रुआंसे से हो गए। बाहर निकलने पर पत्रकारों के सामने कोई मुंह छिपा रहा था तो किसी का कहना था कि हमारी कोई गलती नहीं है। हमें गलत तरीके से जेल भेजा जा रहा है।

अदालत में आरोपियों के अधिवक्ताओं ने उन्हें जेल न भेजे जाने का अनुरोध किया लेकिन मांग खारिज कर दी गई। एयरकंडीशन के बीच उच्च सुविधाओं वाला जीवन जीने वाले आठों आरोपी जिला जेल में प्रवेश करने के बाद खासे परेशान दिखे।
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...और चारों तरफ बचाओ-निकालो का शोर गूंज रहा था

- फोटो : अमर उजाला
15 मई की शाम रेलवे की एईएन कॉलोनी के सामने जब चौकाघाट फ्लाईओवर की दो बीम गिरी तो तकरीबन साढ़े पांच घंटे से ज्यादा समय तक चौतरफा बचाओ और बाहर निकालो का शोर गूंज रहा था। इंग्लिशिया लाइन तिराहा से लहरतारा कैंसर अस्पताल के बीच अफरातफरी की स्थिति थी।

इसी बीच एक-एक कर 15 लोगों के शव और 11 घायलों को निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के निरीक्षण करनेे आने के कारण आधी रात बाद तक पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी और सैकड़ों लोगों की भीड़ मौके पर जुटी हुई थी।

16 मई को भी ऐसी ही स्थिति रही और कैंट रेलवे स्टेशन से लहरतारा कैंसर अस्पताल के बीच आवागमन पर प्रतिबंध लग गया था जो अब तक जारी है।
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